अंतरराष्ट्रीय वेबिनार में बिहार के पारंपरिक लोकगीतों की धूम।

 

बरुण कुमार:—

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस तथा विश्व म्यूजिक दिवस के अवसर पर साहित्यिक सांस्कृतिक शोध संस्था मुंबई तथा उत्तर प्रदेश मंडल ऑफ अमेरिका द्वारा एक विशेष वेबिनार का आयोजन गूगल मीट पर किया गया जिसके प्रथम सत्र में उत्सव मूर्ति योगाचार्य सत्येंद्र सिंह ने भारत सरकार द्वारा निर्धारित योगा प्रोटोकॉल के अनुसार लोगों को योग की जानकारी दी। योग गुरु मीमांसा ओझा ने कहा कि यदि समय कम हो तो प्रतिदिन सूर्य नमस्कार जिसमें 10 प्रकार के योग समाहित हैं, करना चाहिए । योग किसी विशेष धर्म से जुड़ा हुआ नहीं है ।

वैश्विक फलक पर राम कथाओं के संकलन से जुड़े साठवे विश्वविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ प्रदीप कुमार सिंह ने वेबिनार में कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का पूरा जीवन ही योग है । उन्होंने जगत में असत्य पर सत्य, अज्ञानता पर ज्ञान, अहंकार पर संस्कार तथा तिमिरता पर प्रकाश की जीत के लिए पूरा जीवन ही एक योगी की तरह जिया । संगीत सत्र में बिहार की लोक गायिका डॉ नीतू कुमारी नवगीत ने गणेश वंदना मंगल के दाता भगवान बिगड़ी बनाई जी गौरी के ललना हमरा अंगना में आई जी तथा मेरे घर में पधारो गजानन जी मेरे घर में पधारो गीत से कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए भगवान श्रीराम से जुड़े अनेक लोक गीतों की प्रस्तुति दी जिसमें चित्रकूट के घाट घाट पर तुलसी जो है बाट राम मेरे आ जाओ, धन धन नगर अयोध्या के धन राजा दशरथ हो, अंतरराष्ट्रीय वेबिनार में बिहार के पारंपरिक लोकगीतों की धूम।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WhatsApp chat