अनुसूचित जाति के लिए 139 रोसरा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र बिहार का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है !! दिग्विजय सिंह

139 रोसरा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र बिहार का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जो अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित क्षेत्र है! रोसरा बिहार राज्य के समस्तीपुर जिला अवस्थित एक नगर है| यह बूढ़ी गंडक नदी के किनारे अवस्थित होने के कारण कभी कभी रोसरा घाट भी कहलाता है|इसके सुदूर पूर्वोत्तर दिशा में करेह नदी बहती है और इन दोनों नदियों के प्रभाव से रोसरा की भूमि बहुत उपजाऊ क्षेत्र है|
अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित रोसरा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र का गठन रोसरा, सिंधिया तथा शिवाजी नगर प्रखण्ड के 48 पंचायतों से मिलकर हुई है| हसनपुर, विभूतिपुर, सिंधिया, मस्ती, ननगं, विथान, भीठा, मोदी, बहियार, दामोदरपुर, बारा इत्यादि 48 गाँव इस विधानसभा का महत्वपूर्ण हिस्सा है| कुल मतदान केंद्र रोसरा में 137 सिंधिया में 93 तथा शिवाजी नगर में 88 कुल मिलाकर 318 है और कुल मतदाताओं की संख्या 2015 विधानसभा निर्वाचन के आधार पर 313979( पुरुष मतदाता- 166639 तथा महिला मतदाता-147240) है|इस चुनाव में मतदाताओं की संख्या थोड़ी बहुत बढ सकती है|
कोरोना संक्रमण संकट के दौरान हर राजनैतिक दल वाले भर्चुअल वीडियो कान्फ्रेन्सिंग के जरिये अपने चुनावी रणनीति बनाने में व्यस्त हैं|
यह चुनाव क्षेत्र तम्बाकू, मक्का, चावल, गेहुं का मुख्य उत्पादक है|यहाँ पर कृषि कामगारों की संख्या काफी अधिक है| बचे हुए लोग महानगरीय संस्कृति के विकास में खुद को व्यस्त रखते हैं| रोसरा देश के बाकी हिस्से से रेलवे तथा सड़क नेटवर्क के माध्यम से जुडा़ हुआ है|बेगूसराय से वाया SH
५५ तथा दरभंगा से वाया ८० से जुड़ा हुआ है| विजली, शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ा हुआ है|
2015 विधानसभा निर्वाचन में रोसरा में लगभग सभी दलों के उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे, परन्तु मुख्यत;चुनावी टक्कर महागठबंधन तथा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के उम्मीदवार के बीच थी| उस चुनाव में सुशासन बाबू महागठबंधन का नेतृत्व कर रहे थे|परन्तु आज परिस्थिति बदल गई है| सम्भवतः 2020 के चुनाव में सुशासन बाबू के हाथों में पुनः राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का नेतृत्व फिर से एक बार रहे| इस चुनाव को कोरोना संक्रमण के साथ बिहार लौटे प्रवासी मजदूर प्रभावित कर सकते हैं| पिछले चुनाव में महागठबंधन के उम्मीदवार कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार डा० अशोक कुमार चुनाव में विजय हासिल करने में सफल हुए थे|परन्तु इस चुनाव में ऊंट किस करवट बैठेगा बता पाना क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों को शंका है कि चुनाव कोरोना संक्रमण के कारण समय पर होगा अथवा नहीं|बताना मुश्किल है पर इतना तो तैय है कि चुनाव चाहे जब भी हो, रोसरा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र का चुनावी नजारा दिलचस्प अवश्य होगा| फिलहाल मेरे लिए चुप रहना बेहतर विकल्प है| चुनावी घोषणा के बाद समीक्षा ढंग से की जाएगी तथा प्रतिवेदन ससमय भेजा जाएगा|बहुत बहुत आभार!

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