असरगंज में 84 धंटे से अधिक खाना-पीना छोड़ने पर, अनशनकारी सदानन्द की शारीरिक स्थिति बेहद खराब

विक्रेता पक्ष के नही मानने पर क्रेता पक्ष ने लगातार चौथे दिन भी रखा है अनशन जारी

रास्ता का इंसाफ मांगने के लिए लगातार चौथे दिन गुरुवार को भी अनशन पर बैठे सदानन्द साह उर्फ सच्चो, अर्जुन प्रसाद साह, बासुदेव सिंह, प्रणय कुमार, अनिल कुमार गुड्डू, सुभाष रजक, अनिल कुमार, झारी प्रसाद साह, आशीष पंजियारा, रंजीत कुमार इन दस जमीन क्रेताओं में सदानन्द साह की शारीरिक स्थिति बेहद खराब होती जा रही है।यह हाल है भागलपुर जिला के सुल्तानगंज अंचल अंतर्गत धांधी बेलारी पंचायत स्थित असरगंज राज बनेली रोड सह हाट रोड पर की।अनशनकारीयों में अर्जुन प्रसाद साह ने बताया कि जब जमीन विक्रेता पार्वती देवी के पति पूर्व स्वास्थ्य मंत्री शकुनी चौधरी मजदूरों द्वारा रास्ता के छत पर भवन निर्माण कराने लगे। तो हमने दूरभाष पर चौधरी जी से कहे कि अभी आप भवन निर्माण कार्य को रुकवाएं।जब हम दसों जमीन क्रेताओं की सहमति होगी तब कार्य निर्माण कराएं।तब जाकर भवन निर्माण कार्य विक्रेता पक्ष के द्वारा रोक दिया गया।इस संबंध में बातचीत के लिए पांच जनवरी रविवार को दिन तय हुआ।हम सभी जमीन क्रेता पांच जनवरी शाम लखनपुर आवास पर माननीय शकुनी चौधरी से मिले।और उनसे कहा कि जब आपने पूर्व में बनाए गए मकान स्वरूप दुकान व छत तोड़कर आम रास्ता देने की बात कही।साथ ही उस दुकान का उचित कीमत लगाकर हम सभी से राशि भी ले लिए।और दुकान तुड़वा कर रास्ता भी बना दिए।लेकिन छत क्यों नही तोड़ रहे हैं।हमलोगों का गाड़ी भरा समान कैसे आएगा जाएगा।तो उन्होंने कहा हमने छत तोड़कर रास्ता देने की बात कही लिखा है तो दिखाओ हम छत तोड़ देंगे।वहीं सभी जमीन क्रेताओं ने उनसे कहा यह बात गलत है जब हमलोगों से उस आम रास्ते से उचित कीमत लिए है तो रास्ता के ऊपर से आपको छत तोड़ने के लिए मानना पडे़गा।दो धंटे तक चौधरी जी को उचित बात मनाने का प्रयास किए। नही मानने पर हमलोग घर चले आए।

फिर छह जनवरी सुबह उनके पास जाकर उचित बात मनाने का काफी प्रयास किए। लेकिन मानने को तैयार नही हुए। अंततः हमलोग रास्ता पर ही अनशन कर प्राण न्योछावर कर देने की बात कह उसी दिन दोपहर से अनशन पर बैठे हैं आज चौथा दिन है।अनशनकारीयों ने बताया कि अनशन के तीसरे दिन मुंगेर जिला के सीमावर्ती क्षेत्र विधायक मेवालाल चौधरी भी हमलोगों की सुधी लेने आए थे।लेकिन भागलपुर जिला होने के वजह से सहायता की अश्वासन देकर चले गए।उसी शाम बाथ थानाध्यक्ष अमित कुमार भी आए थे।इधर भागलपुर के पदाधिकारियों द्वारा न्यायालय की शरण जाने की बात कही जा रही है।वहीं हम जमीन क्रेतागण के लिए विक्रेता हमारे लिए सर्वोपरि व माननीय के साथ-साथ सम्मानित है।हमलोगों ने फैसला किया कि रास्ता पर बैठे शांतिपूर्ण अनशन में प्राण न्योछावर कर सकते है लेकिन उनके खिलाफ न्यायालय नही जाएंगे।जिसका प्रमाण है कि पांच जनवरी शाम से ही 84 धंटे से ऊपर हो गया है।लेकिन सदानन्द साह उर्फ सच्चो ने अबतक अनाज का एक भी दाना व पानी मुंह में नही लिया है।जिसके वजह से आज तीन दिनों से पेट दर्द से यह बेचैन है। लेकिन इलाज कराने को तैयार नही है।वहीं सदानन्द उर्फ सच्चो का कहना है कि जमीन विक्रेता मेरे माता-पिता समान है।अगर वह छत नही तोड़ने पर अडिग हैं– तो हम भी पुत्र होकर अडिग हैं जबतक छत नही तोड़ेंगे हम एक भी अनाज का दाना पानी मुंह में नही लेंगे।चाहे प्राण ही क्यों ना न्योछावर करना पडे़!हाल यह है अनशन पर बैठे सच्चो की शारीरिक स्थिति हर क्षण बेहद खराब होती जा रही है।समाचार लिखने तक कोई भी समझौता नही हो पाया है।

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