उर्दू एक ऐसी जबान है जिसका समावेश सभी भाषाओं में मिलता है.

छपरा. उर्दू एक ऐसी जबान है जिसका समावेश सभी भाषाओं में मिलता है. यह सुनने और बोलने में बहुत मीठी, प्यारी और मखमली लगती है. उक्त बातें डीएम के ओएसडी सह सदर डीएसएलआर संजय कुमार ने जिला उर्दू भाषा कोषांग के तत्वावधान में डीआरडीए के सभागार में आयोजित फरोग-ए-उर्दू सेमिनार सह मुशायरा का उद्घाटन दीप प्रज्वलित कर करते हुए कहीं. उन्होंने कहा कि हमारी बोलचाल से लेकर साहित्य, सिनेमा, न्यायालय, शासन व प्रशासन का काम उर्दू के प्रयोग के बिना नहीं चल सकता. उन्होंने उर्दू भाषा के विकास के लिए लोगों को आगे आने और अपने बच्चों को इसे सिखाने की अपील की.

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी सह उर्दू भाषा कोषांग प्रभारी उपेंद्र कुमार यादव ने कहा कि उर्दू का प्रयोग करने वालों की बातें अधिक प्यारी और प्रभावी होती हैं. उन्होंने कहा कि यह किसी धर्म विशेष की भाषा नहीं बल्कि विशुद्ध रूप से भारतीय भाषा है. उन्होंने उर्दू के विकास के लिए सरकार के द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर रोशनी डाली. मौके पर डेलिगेट के रूप में डॉ इर्शाद अहमद, जहांगीर आलम, अब्दुल रहीम रायीन, जिलानी मोबीन आदि ने विचार व्यक्त किए. दूसरे सत्र में मुशायरा का आयोजन किया गया. जिसमें डॉ मोअज्जम अज्म, प्रो. शमीम परवेज, खुर्शीद साहिल, प्रो. शकील अनवर, सोहैल अहमद हाशमी, रिपुंजय निशांत, ऐनुल बरौलवी, रमजान अली रौशन, सेराज नादिर, सागर आनंद, समी बहुआरवी आदि ने अपने कलाम पेश किए. मौके पर उपस्थित सभी शायरों को मिर्जा गालिब अवार्ड से सम्मानित किया गया वहीं वाद विवाद प्रतियोगिता में कुल 48 छात्र छात्राओं को मेडल प्रदान किया गया. छात्रों को नकद राशि और प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा. कार्यक्रम की सफलता में उर्दू कोषांग के मो रे‍याजूद्दीन अहमद, अब्दुल जब्बार, मो अफजल, मो शाहिद जमां, मो जुबैर आलम, अख्तर इकबाल आदि ने सहयोग किया.

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