एक कहावत है कि” रस्सी आवत जात ही सील पर पड़े निशान” आज इस कहावत को पंकज सिंह ने सिद्ध कर दिखाया।

निशा सिंह

गया जिले के अतरी प्रखंड के चिरियावा ग्राम निवासी युवा समाज सेवी पंकज सिंह ने वो कर दिखया जो उसकी जितनी भी तारीफ की जाये कम है। वैसे एक कहावत है कि” रस्सी आवत जात ही सील पर पड़े निशान” आज इस कहावत को पंकज सिंह ने सिद्ध कर दिखाया।,

बता दें कि आजादी के 72 साल बाद भी चिरियावा ग्राम सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित था यहाँ के लोग आज 21वी सदी में भी तीन किलो मीटर पैदल पहाड़ को पार कर अपनी जरूरत को पूरा करने प्रखंड मुख्यालय तक जाने को मजबूर हैं, ग्रामीणों ने कई बार मंत्री, विधायक, सांसद सभी के सामने सड़क निर्माण के लिए फरियाद किया मगर सिर्फ सांत्वना के अलावे कुछ हासिल नही हो पाया,अंत मे थक हार कर लोगो ने स्तिथि के साथ समझौता कर हार मान लिया और सड़क के निर्माण का आश ही छोड़ दिया,

मगर गांव की इस समस्या का समाधान के लिए गांव के ही युवा कर्मठ समाजसेवी श्री पंकज सिंह ने हिम्मत नहीं हारी पिछले 5 सालों से लगातार इसकी लड़ाई लड़ते रहे,प्रधानमंत्री कार्यालय, मुख्यमंत्री कार्यालय, ग्रामीण कार्य विभाग एवं जिला पदाधिकारियों के दफ्तरों का चक्कर लगाते रहे, लोगो ने मजाक भी उड़ाया मगर श्री पंकज सिंह सबकी बातो को नजरअंदाज करते हुए अपना काम करते रहे और आज उनके सतत साधना-प्रयत्न शील होने का सुपरिणाम है कि पहाड़ों की तलहटी में बसा ये गाँव कई पीढ़ियों के लिए अभिशप्त रहा यह गाँव विभागीय अड़चनों को पार करते हुए सड़क निर्माण के लिए तैयार है, ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा लगभग एक करोड़ रुपए से सड़क निर्माण के लिए टेंडर निकाला जा चुका है, पंकज सिंह ने अपने गाँव को प्रक्षेत्र के अन्य जगहों से जोड़ने के लिए जो संघर्ष किए है उसके लिए बधाई के पात्र है, आज पूरा चिरियावा गांव के साथ साथ दूर दराज के लोग भी उनकी इस सराहनीय कार्य के लिए अपना प्यार और आशीर्वाद दे रहे है।

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