एक स्टेशन ऐसा भी जहां डेढ़ दशक से बिना टिकट यात्रा करने को मजबूर है लोग

राहुल कुमार के साथ बद्री गुप्ता की ब्यरो रिपोर्ट

लातेहार/चँदवा प्रखंड के चेतर रेलवे स्टेशन में है मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव

प्रतिदिन बेटिकट यात्रा करते दर्जनो गांव के सैकड़ो लोग चंदवा।

एक स्टेशन ऐसा भी जहां लगभग डेढ़ दशक से लोग प्रतिदिन बेटिकट यात्रा करते है। ऐसा नहीं है कि लोग टिकट नहीं कटाना चाहते है, लेकिन क्या करे जब स्टेशन पर टिकट काउंटर हीं नहीं है तो टिकट कहां से कटाएं।

हम बात कर रहे है सीआईसी सेक्शन बरकाकाना बरवाडीह रेलखंड अंतर्गत चेतर रेलवे स्टेशन की जहां विगत डेढ़ दशक से प्रतिदिन सैकड़ो लोग प्रतिदिन बेटिकट यात्रा करने को मजबूर है। ग्रामीण बताते है कि डेढ़ दशक पूर्व तक उक्त स्टेशन पर टिकट काउंटर था व टिकट भी कटता था लेकिन डेढ़ दशक पूर्व हुऐ कुछ उग्रवादी घटना के कारण टिकट काउंटर बंद हो गया, जिसके बाद आज तक काउंटर खुला हीं नहीं।

बिना टिकट यात्रा करने पर उठानी पड़ती है फजिहत: ग्रामीण यात्री

यात्री व आसपास के ग्रामीणो ने बताया कि टिकट नहीं कट पाने के कारण लोग मुफ्त में यात्रा तो कर लेते है लेकिन कई बार फजिहत का सामना भी करना पड़ता है, क्योंकि चेकिंग के दौरान बिना टिकट यात्रा करने पर पकड़े जाने के बाद कोई नहीं सुनता है कि चेटर स्टेशन में टिकट नहीं कटता है जिस कारण टिकट नहीं कटा सके। कई बार लोगो को बिना टिकट के पकड़े जाने पर फाईन भी भरनी पड़ी है व उपर से फजिहत भी उठानी पड़ती है।

एक दर्जन से अधिका गांव के ग्रामीण चेतर स्टेशन से करते है सफर

ग्रामीण बताते है कि चेतर स्टेशन से चेटर, आन, सोंस, बुल्हू, सिकनी, ब्रह्मनी, किता, बारी समेत लगभग एक दर्जन से अधिक गांव के ग्रामीण सफर करते है, लेकिन यहां कोई सुविधा नहीं है। दर्जनो गांव के ग्रामीणो ने रेलवे से चेतर स्टेशन पर मूलभूत सुविधाएं दुरूस्त करने की मांग की है। *प्रतिदिन अप व डाउन में चार-चार पैसेंजर ट्रेन का होता है ठहराव: एसएम* चेतर स्टेशन के स्टेशन मास्टर इंद्रजीत सिंह ने बताया कि उक्त स्टेशन पर दो स्टेशन मास्टर, चार पोर्टर व 2 केविन मैन कार्यरत है। चेतर रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन अप में चार व डाउन भी चार कुल 8 पैंसेजर ट्रेनों का ठहराव होता है। जिसमें प्रतिदिन दिन लगभग 150-200 लोग आवा-गमन करते है। वहीं शुक्रवार को यात्रियों की संख्या काफी ज्यादा होती है, लेकिन स्टेशन में न टिकट काटने की व्यवस्था है और न हीं किसी प्रकार की मूलभूत सुविधा है। हमलोग भी टोरी रेलवे क्वार्टर में रहकर ड्यूटी करते है।

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