खबर पटना से~ 12 सूत्री मांग को लेकर डीवाईएफआई और एसएफआई ने संयुक्त रूप से किया मुख्यमंत्री के समक्ष प्रदर्शन

आशीष कुमार Live24x7 पटना

12 सूत्री मांग को लेकर डीवाईएफआई और एसएफआई ने मुख्यमंत्री के समक्ष प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने जमकर मोदी और नीतीश सरकार पर अपनी भड़ास निकाली। वक्ताओं ने कहा छात्र युवा विरोधी नीति के चलते शिक्षा व्यवस्था चौपट हो चुकी है। आर्थिक मंदी के कारण छटनी हो रही है। युवा बेरोजगार हो रहे हैं। ठेके पर युवा की बहाली हो रही है। राज्य में उद्योग धंधे चौपट हो गए हैं। गरीबों के उच्च शिक्षा अब सपना मात्र रह गई है। शिक्षा को निजीकरण के हाथों सौंपने की सरकार की योजना है। सबको शिक्षा और सबको काम के सवाल पर आंदोलन तेज करने का उन्होंने अपील किया।
इस प्रदर्शन को डीवाईएफआई के राज्य अध्यक्ष मनोज कुमार चंद्रवंशी ने नेतृत्व किया, और इसका संचालन एसएफआई के राज्य अध्यक्ष शैलेंद्र यादव ने किया। सभा को डीवाईएफआई के महासचिव शशि भूषण प्रसाद, एसएफआई के राज्य सचिव मुकुल राज, महेश कुमार, भोला राय, रजनीश कुमार ,संतोष कुमार, सुबोध कुमार, प्रभात कुमार, नीरज कुमार के अलावा युवा नेता अजय कुमार ने भी संबोधित किया।
भगत सिंह के जन्म दिवस के मौके पर नेताओं ने 12 सूत्री मांग मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। वक्ताओं ने कहा सबको शिक्षा सबको काम देना होगा, समान काम का समान वेतन देना होगा, बेरोजगारों को काम दो या ₹10000 बेरोजगारी भत्ता दो, रिक्त पदों पर बहाली किया जाए, एसटीइटी में विषय की अनिवार्यता समाप्त किया जाए। एनआईओएस से प्रशिक्षण प्राप्त अभ्यर्थियों को भी शिक्षक नियोजन की परीक्षा में शामिल किया जाए। राज्य के सभी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में छात्रों के अनुपात में शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित किया जाए। सभी विश्वविद्यालयों में छात्र संघ का चुनाव कराया जाए। समस्तीपुर जिला के विभूतिपुर प्रखंड के गंगोत्री गांव के नाबालिग छात्रा के साथ हुई गैंगरेप के दोषियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। शिक्षा के बाजारीकरण पर रोक लगाई जाए। नियोजन नहीं नियुक्ति दिया जाए। इंटरमीडिएट से लेकर पीजी तक के नामांकन में छात्राओं एससी एसटी के छात्रों और छात्राओं से ली जा रही अवैध राशि पर रोक लगाई जाए।

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