गजराज ने मचाया आतंक, एक की ली जान तो वहीं दूसरी ओर घर व संपत्ति को भी पहुँचाया नुकसान।

कैमरा मैन राहुल कुमार के साथ बद्री गुप्ता लातेहार ब्यूरो की रिपोर्ट

लातेहार जिला के महुआडांड़ पिछले 1 हफ्ते से महुआडांड़ एवम नेतरहाट वन क्षेत्र में उत्पात मचा रहे गजराज ने शुक्रवार की शाम नेतरहाट थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम माइल में शुक्रवार शाम लगभग 7 बजे फुलजेन ठिठियो पिता कंदरु ठिठियो उम्र लगभग 50 वर्ष को पटककर मार डाला। इस संबंध में मृतक के घरवालों ने बताया कि फुलजेन कुछ लेने के लिए घर से निकला ही था

कि कुछ ही दूर में हाथी से सामना हो गया, अँधेरा होने की वजह से हाथी दिख नहीं पाया जिसके बाद हाथी ने फुलजेन को पटककर मार डाला, वही ग्रामीणों ने बताया कि इस घटना के बाद हाथी माइल गाँव से निकलकर लगभग 11 बजे रात को ग्राम चोरमुण्डा पहुंचा जहा उसने गांव के पीडीएस डीलर सिलब्रियुस मुण्डा के घर को क्षतिग्रस्त कर दिया, और दीवार तोड़ कर राशन वितरण के लिए रखे हुए 6 बोरी चावल को खा गया एवं कुछ को बर्बाद कर दिया। जिसके बाद चोरमुंडा गाँव के ही बिमल मुण्डा के पान गुमटी के पल्ले को तोड़ कर क्षतिग्रस्त कर दिया, फिर शनिवार प्रातः 3 बजे दातुखाड़ गाँव में हाथी ने गोजो देवी के बैल को मार डाला एवं सुकूल कोरवा के घर को ध्वस्त कर दिया। इन सब घटना गांव की सूचना ग्रामीणों द्वारा वन विभाग महुआडांड़ को दिया गया। जिसपर महुआडांड रेंजर वृन्दा पांडेय ने वनपाल अजय टोप्पो, वन ट्रैकर एवं अपने अधीनस्थ वन कर्मियों के साथ माइल पहुँचे व शोक संवेदना जताते हुए

पीड़ित परिवार को तत्काल राहत के तौर पर पच्चीस हजार मुआवजा दिया एवं शव के अंत्यपरीक्षण तथा अन्य खर्च हेतु 5000 रूपये अलग से दिए, साथ ही पीड़ित परिवार को आश्वासन देते हुए कहा कि कागजी प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद सरकारी प्रावधान के अनुसार पीड़ित परिवार को चार लाख का मुआवजा दिया जायेगा। वही सूचना मिलने पर नेतरहाट थाना प्रभारी मुकेश चौधरी भी दल बल के साथ पहुँचे व शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु सदर अस्पताल लातेहार भेज दिया। वही इस घटना से ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति काफी आक्रोश देखा जा रहा है।क्या कहते है अधिकारी हाथी के द्वारा पिछले एक हफ्ते से उत्पात मचाए जाने के सवाल पर रेंजर बृंदा पांडेय ने कहा कि एक हाथी झुण्ड से बिछड़ गया है जो चतरा क्षेत्र से यहाँ आ गया,यह इस क्षेत्र का हाथी नहीं है, हमसब लगे हुए है और अभी इसे गुमला जंगल की ओर खदेड़ दिया गया है, साथ ही ग्रामीणों को पटाखे उपलब्ध करा दिए गए है रेंजर वृन्दा पांडेय ने बताया कि जिनका भी नुकसान हुआ है वह विभाग को आवेदन करे आकलन कर मुआवजा का भुगतान जरूर किया जाएगा।

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