गया में टेक्सटाइल से जुड़े मजदूरों को किया गया नियोजन।

क्वारंटाइन के दौरान मजदूरों की की गई थी स्किल मैपिंग

धीरज गुप्ता की रिपोर्ट गया

कोविड-19 कोरोना महामारी से सुरक्षा वह बचाव के लिए किए गए लॉकडाउन के दौरान अन्य राज्यों में कारखाना बंद हो जाने तथा प्रवासी राज्य में बिहार के मजदूरों को किसी प्रकार की सहायता न मिलने पर अपने घर (बिहार) लौटने वाले मजदूरों को गया जिला के विभिन्न क्वॉरेंटाइन सेंटर में 14 दिनों तक क्वॉरेंटाइन किया गया था जहाँ उनके लिए भोजन, आवासन, डिग्निटी किट्स एवं अन्य सुविधाएं प्रदान की गई थी तथा उस दौरान उनके नाम व पता उनके मोबाइल नंबर सहित उनकी स्किल मैपिंग भी की गई थी एव जिसमें 2000 वैसे मजदूर चिन्हित किए गए हैं, जो वस्त्र उद्योग/ टेक्सटाइल से जुड़े हुए हैं।वस्त्र उद्योग/टेक्सटाइल से मजदूरों के लिए आज मानपुर के दुर्गा स्थान, पटवाटोली में जिला उद्योग केंद्र गया के द्वारा वस्त्र उद्योग बुनकर सहयोग समिति के सहयोग से एक दिवसीय कार्यशाला-सह- नियोजन मेला का आयोजन किया गया।

वस्त्र उद्योग/ टेक्सटाइल प्रक्षेत्र से जुड़े मजदूरों को उनके मोबाइल नंबर के माध्यम से कार्यशाला में आमंत्रित किया गया था, जिनमें से सैकड़ों मजदूरों ने इस कार्यशाला में भाग लिया तथा उनमें से लगभग 100 इच्छुक एवं कुशल मजदूरों को आज ठाकुर हैंडलूम तथा केसर हैंडलूम के द्वारा नियोजित किया गया है।इस अवसर पर जिला उद्योग केंद्र, गया द्वारा प्रधानमंत्री एंप्लॉयमेंट गारंटी प्रोग्राम तथा मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति एवं अति पिछड़ी जाति उद्यमी योजना के संबंध में विस्तार से बताया गया है। इन योजनाओं के माध्यम से अन्य राज्य से बेरोजगार होकर आए बिहार के कुशल मजदूर स्वनियोजन के लिए भी प्रयास कर सकते हैं। स्वनियोजन हेतु क्या करना है यह भी उन्हें बताया गया है।एक दिवसीय कार्यशाला सह नियोजन मेला में महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र राजकुमार शर्मा, श्रम अधीक्षक यदुवंश नारायण पाठक, परियोजना प्रबंधक रजनीकांत रंजन, पर्यवेक्षक बुनकर धर्मेंद्र कुमार गौड़, वस्त्र उद्योग बुनकर सहयोग समिति के अध्यक्ष प्रेम नारायण पटवा उपस्थित थे।

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