गाँधी जयंती के पूर्व संध्या पर आदित्य पूजा सेवा संस्थान ने की गोष्ठी का आयोजन

बांका: सामाजिक क्षेत्र में बेहतरीन कार्य कर रही बहुदेशीय संगठन आदित्य पूजा सेवा संस्थान के द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर आदित्य सुपर-50 के छात्र-छात्राओं के बीच गोष्ठी का आयोजन किया गया।गोष्ठी को संबोधित करते हुए संस्था के सचिव सह संस्थापक ललित किशोर किशोर कुमार ने बताया कि 2  अक्टूर 1869 को एक व्यवसायी परिवार में जन्मे मोहनदास करम चंद गांधी को उनके महान योगदान और त्याग के लिए लोग उन्हें महात्मा के नाम से जानते हैं।  

गांधी जी ने दुनिया को सत्य और अहिंसा का जो संदेश उसे दुनिया के करीब करीब सभी देश मानते हैं।  उन्होंने शिक्षा, गरीबी और लोगों को स्वालंबी बनाने लिए जो विचार दिए उनकी आज पूरी दुनिया चर्चा होती है।मालूम हो कि गोष्ठी में काफी संख्या में बच्चें उपस्थित थे।सभी बच्चों को जानकारी देते हुए संस्था के सचिव सह संस्थापक ललित किशोर कुमार ने कहा कि गांधी जी ने अपना जीवन सत्य, या सच्चाई की व्यापक खोज में समर्पित कर दिया। उन्होंने इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अपनी स्वयं की गल्तियों और खुद पर प्रयोग करते हुए सीखने की कोशिश की। उन्होंने अपनी आत्मकथा को सत्य के प्रयोग का नाम दिया।गांधी जी ने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण लड़ाई लड़ने के लिए अपने दुष्टात्माओं , भय और असुरक्षा जैसे तत्वों पर विजय पाना है।

गांधी जी ने अपने विचारों को सबसे पहले उस समय संक्षेप में व्य‍क्त किया जब उन्होंने कहा भगवान ही सत्य है| बाद में उन्होंने अपने इस कथन को सत्य ही भगवान है में बदल दिया। इस प्रकार , सत्य में गांधी के दर्शन है।मौके पर उपस्थित संस्था के अध्यक्ष नवल किशोर दास ने बताया कि गांधी जी ने अपनी आत्मकथा द स्टोरी ऑफ़ माय एक्सपेरिमेंट्स विथ ट्रुथ में दर्शन और अपने जीवन के मार्ग का वर्णन किया है।जब मैं निराश होता हूं तब मैं याद करता हूं कि हालांकि इतिहास सत्य का मार्ग होता है किंतु प्रेम इसे सदैव जीत लेता है। यहां अत्याचारी और हतयारे भी हुए हैं और कुछ समय के लिए वे अपराजय लगते थे किंतु अंत में उनका पतन ही होता है -इसका सदैव विचार करें।वही संस्था के कोषाध्यक्ष रानी देवी ने बतायी कि कि महात्मा गांधी अपने किताबों में आगे लिखते है कि ” मृतकों, अनाथ तथा बेघरों के लिए इससे क्या फर्क पड़ता है कि स्वतंत्रता और लोकतंत्र के पवित्र नाम के नीचे संपूर्णवाद का पागल विनाश छिपा है।एक आंख के लिए दूसरी आंख पूरी दुनिया को अंधा बना देगी।मरने के लिए मैरे पास बहुत से कारण है किंतु मेरे पास किसी को मारने का कोई भी कारण नहीं है।मौके पर संस्था के सदस्यों में पूजा कुमारी सिंह,अंजली कुमारी ,सोनाली कुमारी सिंह,किट्टू कुमारी,मुस्कान कुमारी सहित सभी बच्चे उपस्थित थे।

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