जनसंख्या समाधान फाउंडेशन पिछले कई वर्षों से जनसंख्या नियंत्रण कानून कर रही है मांग।

 

बरुण कुमार:—

जहानाबाद विश्व के अनेक प्रतिष्ठित संस्थाओं ने अपने सर्वे में मानव अस्तित्व का सबसे बड़ा खतरा बढ़ती जनसंख्या को बताया है, भारत के परिप्रेक्ष्य में यह खतरा और अधिक गंभीर हो जाता है क्योंकि विश्व का केवल 2.4 प्रतिशत भूभाग हमारे पास है और विश्व की कुल जनसंख्या का हम 17. 74% भार वहन कर रहे हैं। भारत की जनसंख्या आज 138 करोड़ को पार कर चुकी है यह गंभीर चिंता का विषय है, बढ़ती आबादी का परिणाम है कि उपलब्ध प्राकृतिक संसाधन बहुत तेजी से कम होते जा रहे हैं तथा सामाजिक आर्थिक एवं पर्यावरणीय स्थितियां विस्फोटक होती जा रही है बढ़ती आबादी के कारण विकास के सारे कार्य कमतर दिखाई देते हैं और इसके फलस्वरूप अतिक्रमण एवं प्रदूषण के कारण लाखों जीव जंतु की प्रजातियां विलुप्त हो रही है।

इतनी बड़ी आबादी के लिए स्कूल, कॉलेज, हॉस्पिटल, रेलवे, मेट्रो, एयरपोर्ट, प्रशासनिक दफ्तर, कारखाने और आवास उपलब्ध कराने में खेती तथा जंगलों की जमीन घट रही है। फलस्वरूप भविष्य में खाने को पर्याप्त अन्न भी पैदा नहीं होगा। इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए जनसंख्या समाधान फाउंडेशन पिछले लगभग 7 वर्षों से शांतिपूर्ण तरीके से कई राज्यों तथा राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लगातार धरने प्रदर्शन जागरूकता रैली, जिला अधिकारियों के माध्यम से प्रधानमंत्री भारत सरकार के नाम ज्ञापन, सांसद संवाद तथा सार्वजनिक सभाओं एवं रैलियों के माध्यम से सरकार के समक्ष देश में सभी नागरिकों के लिए अधिकतम 2 बच्चों का कानून बनाकर लागू करने की मांग उठा रहा है । इस विषय में 11 अगस्त विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर जहानाबाद जनसंख्या समाधान फाउंडेशन के द्वारा प्रधानमंत्री गृहमंत्री एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष भाजपा को ज्ञापन भेजा गया। ज्ञापन भेजने वालों में जनसंख्या समाधान फाउंडेशन के संयोजक अनिल ठाकुर,मुकेश भारद्वाज वार्ड पार्षद 24 भाजपा पूर्व नगर अध्यक्ष विजय सत्कार, भाजयुमो प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रोशन कुमार, प्रहलाद भारद्वाज प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अतिपिछड़ा मंच के रामसहाय कानू, विजय चौरसिया, दीपक कुमार गुप्ता, कुणाल गुप्ता रणजीत सिंह राजपूत चिराग सरकार महेंद्र कुमार दीपक चंद्रवंशी आई टी सेल आदि सैकड़ों लोगों ने हस्ताक्षर कर डाक के माध्यम से ज्ञापन भेजा।

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