जमाबन्दी में छेड़छाड़ का मामला उजागर।

मुंगेर जिला के संग्रामपुर से रोहित कुमार का रिपोर्ट

जमाबन्दी में छेड़छाड़ का मामला थाना क्षेत्र के मनिया गांव में लंबे समय से चल रहे जमीनी विवाद अब धीरे-धीरे तूल पकड़ने लगा है। जानकारी के अनुसार मनिया गांव निवासी प्रवेश कुमार सिंह पिता गेंना लाल सिंह जो अपने मनिया गांव स्थित केवला किये गए जमीन खाता संख्या 51 खसरा संख्या 234 थाना न० 256 मौजा मनिया पर लगभग 46 साल से उस जमीन का देख रेख कर कर रहा हैं। और अपना मालिकाना हक अदाई कर रहा है। परंतु 2010 के जमाबंदी के अनुसार सिर्फ सरकारी रजिस्टर में जमीन के मालिक के मालिक का नाम चढ़ा हुआ था। तेजो शर्मा ग्राम मझगांव उन्होनें बताया कि 2002 से अब तक उस जमीन का एक भी रसीद निर्गत नहीं किया गया हैं। उन्होनें विभागीय पदाधिकारियों पे इल्जाम लगाते हुए बताया कि सरकारी रिजिस्टर 2 में ओवर राइटिंग भी किया गया पाया। जिसमें साकिन के जगह में हेरफेर हुआ हैं। उन्होनें बताया कि इससे साफ जाहिर होता हैं कि अधिकारियों की मिलीभगत को दर्शाता है। 46 वर्ष पूर्व उस जमीन का जिसके दखल कब्जा में था। उससे उचित रुपये में केवाला लिया था। इस संदर्भ में पिछले सप्ताह शनिवार को अंचल कार्यालय परिसर में भूमि विवाद से संबंधी लगाए गए जनता दरबार में इस मुद्दे को लेकर दोनों ही पक्ष अंचल अधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर अपनी अपनी बात को रखा। जनता दरबार में फैसला सुनाते हुए कहा कि जमाबंदी की जांच कराकर और उस कागज को दिखाया जाय। साथ ही उन्होनें बताया कि जमाबंदी तोड़ने का अधिकार हमें नहीं है। आप इस कागजात को एडीएम के पास जाकर जांच कराए। वही प्रवेश कुमार का कहना हैं कि प्रखंड स्तरीय जमीन संबंधी कार्य अंचल अधिकारी के अधीन में हैं। फिर भी मेरे आवेदन देने के बाबजूद भी कोई करवाई क्यों नहीं कि गई। वही इस संदर्भ में अंचल अधिकारी राजेश रंजन ने बताया कि रैयती जमीन का विवाद है, और उनका कहना है कि जमाबंदी में छेड़छाड़ हुआ है हमारे तरफ से उनको बताया गया है कि एडीएम साहब के पास केस दर्ज कराए और फिर एडीएम साहब का जो आदेश होगा उस पर कार्यवाही की जाएगी। इस विषय में मेरे तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती उन्होंने बताया की प्रवेश कुमार का कहना है कि तेजो शर्मा के नाम से जमाबंदी है तेजो शर्मा का जमाबंदी कब का है उस में दाखिल खारिज संख्या नहीं लिखा गया है। या किस आधार पर जमाबंदी हुआ है अधिकार कॉलम में कुछ नहीं लिखा है। इसका एक मात्र विकल्प है कि एडीएम साहब के पास जाएं और वहां जाकर दिखाएं कि कैसे जमाबंदी बनी है उसके बाद जो भी आदेश आएगा इसके तहत कार्रवाई हमारी तरफ से की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WhatsApp chat