जर्मनी में गूंजे बिहारी लोकगीत।

जर्मनी में गूंजे बिहारी लोकगीत

 

 

बरुण कुमार:—

 

पटना :बिहार की प्रसिद्ध लोक गायिका नीतू कुमारी नवगीत ने, कजरी और भोले बाबा के गीतों सहित बिहार के अनेक पारंपरिक लोक गीतों की प्रस्तुति कर के जर्मनी के प्रवासी बिहारियों का दिल जीता। 27 जुलाई :जर्मनी सहित अनेक देशों में रह रहे बिहारवासियों की ग्लोबल संस्था बिहार फ्रैटर्निटी -रेनेशां टू चैरिश द्वारा सावन की मल्हार सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें बिहार की प्रसिद्ध लोक गायिका नीतू कुमारी नवगीत ने कजरी और भोले बाबा के गीतों सहित बिहार के अनेक पारंपरिक लोक गीतों की प्रस्तुति करके जर्मनी के प्रवासी बिहारियों का दिल जीत लिया ।

नीतू नवगीत ने कार्यक्रम में पिया मेहंदी लिया दा मोती झील से जाके साइकिल से ना, कि अरे रामा गोकुल का रहने वाला कन्हैया बड़ा रारि ए हरि, कईसे खेले जइबू सावन में कजरिया बदरिया घिर आईल ननदी जैसे पारंपरिक गीतों की प्रस्तुति करके फेसबुक लाइव कार्यक्रम के श्रोताओं को झुमाया । “बिहार फ्रेटर्निटी”  ग्लोबल फ़ोरम के अध्यक्ष प्रकाश शर्मा ने कहा कि हमारी संस्था का मुख्यालय जर्मनी में हैं । 60 से ज़्यादा देशों में इनका प्रतिनिधित्व है । इसका उद्देश्य सकरात्मक व प्रगतिशील बिहारियों को एक मंच पर लाना, बिहार को एक ग्लोबल ब्राण्ड बनाना और साथ ही जो बिहार में रह कर बिहार को सींच रहे हैं उनके जीवन में सकरात्मक बदलाव लाने में मदद करना है । हमारी संस्था बिहार की कला-संस्कृति को विश्व पटल पर रखने एवं प्रोत्साहन देने के लिए प्रतिबद्ध है । सांस्कृतिक कार्यक्रम के प्रारंभ में उन्होंने गणेश वंदना मंगल के दाता भगवन बिगड़ी बनाई जी गौरी के ललना हमरा अंगना में आईल जी की प्रस्तुति से की । फिर उन्होंने बाबा भोलेनाथ की कजरी गाई । सावन में उमड़ते  काले मेघों और रिमझिम बरसात के बीच गाए जाने वाले अनेक गीतों की प्रस्तुति भी नीतू नवगीत ने की । उन्होंने बरसन लागे सावन बुंदिया आजा, तोरे बिन लागे ना मोरा जिया, तुमको आने में तुमको बुलाने में कई सावन बरस गए साजना, कि अईसो सावन के हो महीनवा गोरी गोदवा ले गोदना, मोरे भैया अईले आनवैया हो सावनवा में नहीं जईबो ननदी जैसे गीत गाकर लोगों के दिलों को सावनमय कर दिया ।उन्होंने भिखारी ठाकुर के गीत चलनी के चालल दूल्हा सूप के झटकारल हो और सेजिया पर लोटे काला नाग हो कचौड़ी गली सून कइला बलमू जैसे गीत भी कार्यक्रम के दौरान पेश किए । कार्यक्रम के आयोजन में जर्मनी स्थित बिहार फैटर्निटी के सदस्यों की मुख्य भूमिका रही । सांस्कृतिक कार्यक्रम में गायिका नीतू कुमारी नवगीत के साथ रवीश मिश्रा ने तबला पर और सुजीत कुमार में हारमोनियम पर संगत किया ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WhatsApp chat