दिपावली में पटाखे नहीं फोड़ने को लेकर बच्चों को किया गया जागरूक

ललित किशोर कुमार

बांका:संयुक्त राष्ट्र संघ से सम्मानित युवा समाजसेवी ललित किशोर कुमार के द्वारा संचालित आदित्य सुपर-50 कोचिंग सेंटर के बच्चों के बीच दीपावली पर पटाखों से होने वाले नुकसान से बचाव के लिए शनिवार को बच्चों को जागरूक किया।बच्चों को संबोधित करते हुए युवा समाजसेवी ललित किशोर कुमार ने बताया कि पटाखा छोड़ने के दौरान दीपावली की खुशियां कहीं गम में न बदल जाए, इसके लिए सावधानी बरतना आवश्यक है।संचालक ललित किशोर कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री आपदा सुरक्षा कार्यक्रम के तहत बिहार के सभी विद्यालयों में आपदा से बचाव के तरीके बताए जा रहे हैं। इसी कड़ी में पटाखा छोड़ने के दौरान सर्तकता बरतने, बचाव के संसाधन उपलब्ध रखने एवं तत्काल चिकित्सा व्यवस्था का लाभ लेने के संबंध में जानकारी दी गई है। इसके साथ ही पटाखे छोड़ने के समय दूरी बनाए रखने, सावधानी पूर्वक छोड़ने, नजदीक में पानी भरा बाल्टी रखने, खुले स्थान में पटाखा छोड़ने, पटाखा में आग लगाने के बाद दूरी बनाए रखने की जानकारी दी गई है।

मौके पर उपस्थित पूजा कुमारी सिंह ने बतायी बच्चों को संबोधित करते हुए बतायी कि पटाखों के धुआं से निकलने वाले हानिकारक गैस और तेज आवाज से होने वाले हानियों के बारे में जानकारी दी।कार्यक्रम में उपस्थित सत्यनारायण पंडित ने बच्चों को बताया कि भारत में बढ़ती आबादी से वैसे ही पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है। मगर दिवाली की रात पटाखों से निकलने वाले धुएं से यह प्रदूषण कई गुना बढ़ जाता है। मगर कुछ पल की खुशी और पैसे के दिखावे के आगे लोग आंखें मूंदे रहते हैं। उन्हें शायद पता नहीं होता कि वे पटाखे जला कर वायुमंडल में कितना प्रदूषण घोल रहे हैं।आदित्य सुपर-50 के निर्देशक ललित किशोर कुमार ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि दरअसल इन पटाखों में जिन रसायनों का इस्तेमाल किया जाता है

वह बेहद खतरनाक है। कॉपर, कैडियम, लेड, मैग्नेशियम, सोडियम, जिंक, नाइट्रेट और नाइट्राइट जैसे रसायन का मिश्रण से बने पटाखें काफी ज्यादा ही घातक हैं।इससे 125 डेसिबल से ज्यादा ध्वनि होती है। अचानक इन पटाखों से फटने से आदमी कुछ पल के लिए बहरा हो जाता है। कई बार पीड़ित स्थायी रूप से भी बहरा हो जाता है। पटाखों से निकली चिंगारी से हर साल सैंकड़ों लोगों की आंखें और चेहरे जख्मी हो जाते हैं। सांस की बीमारी तो होती ही है। ऐसे समय में दमे के रोगी की परेशानी भी बढ़ जाती है।मौके पर अंजली कुमारी,साक्षी कुमारी,सोनाली कुमारी सिंह, सत्यनारायण पंडित सहित सभी बच्चे उपस्थित थे।
 

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