नल, आवास व शौचालय का गलत सूचना देकर बीडीओ ने झाड़ा पल्ला : धर्मेन्द्र

*रिविलगंज प्रखंड के योजनाओं में की जा रही मनमानी*

*आरटीआई के तहत प्रखंड कार्यालय से मांगी गई थी सूचना*

*सम्पूर्ण रूप से योजनाओं का लाभ नहीं मिलने से लोगों में आक्रोश*

फोटो-छपरा। राज्य सरकार की सात निश्चय योजना में महत्वकांक्षी योजनाओं में नल-जल, पक्की गली-नली, सरकारी स्कूलों की शौचालय निर्माण व केन्द्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास व शौचालय निर्माण की योजना सुचारू रूप से धरातल पर नहीं दिख रही है। आरटीआई के तहत सूचना का जवाब मांगे जाने के बावजूद प्रखंड स्तरीय अफसर मनमानी करने को आतुर है। इसकी जानकारी समाजसेवी धर्मेन्द्र सिंह ने दी।

उन्होंने कहा कि जिस सन्दर्भ में सूचना का ब्यौरा मांगा गया, उसमें रिविलगंज बीडीओ द्वारा दो पन्ना का पत्र भेजा गया। इसमें किसी तरह से स्पष्टरूप सही जानकारी नहीं मिल रही है। इस पर उन्होंने नाराजगी जतायी है। उन्होंने कहा जनता के हित में प्रशासन द्वारा कोई सहयोग नहीं की जा रही है। नल, शौचालय व आवास का सूचना गलत देकर बीडीओ ने पल्ला झाड़ लिया है। *दो माह पूर्व आरटीआई से मांगी थी सूचना** समाजसेवी ने बताया कि दो माह पूर्व में ही आरटीआई के तहत पंचायतवार सूचना मांगी गई थी, लेकिन सही जानकारी देना बीडीओ साहब मुनासिब नहीं समझ रहे हैं। केवल कागजों पर ही योजनाओं को सिमटा दिया जा रहा है। कई लोगों का आवास पास होने के बाद भी बिचौलियों द्वारा घुस में पैसों की मांग की जा रही है। सरकार के मुलाजिम इस पर मौन दिख रहे हैं। किसी भी योजनाओं को पास कराने के लिए निचले स्तर से लेकर ऊपर स्तर तक कर्मी व अफसर घुस लेने के फिराक में लगे हैं। *अफसरशाही लोगों का बोलबाला के आगे आम जनता परेशान* अफसरशाही लोगों का बोलबाला के आगे आम जनता इसमें पीसे जा रहे हैं। इनके खिलाफ कोई एक्शन भी नहीं लिया जा रहा है। अपने मन-मुताबिक अपनी ड्यूटी बजा रहे हैं। जब आम जनता अपनी समस्या लेकर पहुंचते हैं तो अधिकांश अफसर व कर्मी गायब मिलते हैं, या तो लेट से कार्यालय पहुंचते हैं। ऐसे में इनकी समस्या का निदान कब होगा। कब तक दर-दर की ठोकरे खाते रहेंगे। निचले तबके लोग कार्यालय का चक्कर काट-काट कर परेशान हैं। *जांच के लिए डीएम को भी भेजा गया पत्र* बीडीओ द्वारा सम्पूर्ण विवरण नहीं देने को लेकर दस दिन पहले जिलाधिकारी को भी एक पत्र भेजा गया। इसमें बीडीओ द्वारा कार्य में की जा रही लापरवाही की जांच कराने की मांग की गई थी। इस पर डीएम साहब भी मौन दिख रहे हैं। अभी तक कोई कारवाई नहीं की गई। यदि कोई कार्रवाई नहीं होती है तो बीडीओ के खिलाफ उच्च स्तरीय जांच कराने की अनुशंसा वरीय अधिकारियों से की जाएगी। *इस योजनाओं से वंचित हैं ग्रामीण* सरकार द्वारा चल रहे महत्वकांक्षी योजनाओं में नल-जल, पक्की गली-नली, शौचालय, आवास, स्कूली शौचालय आदि योजनाओं से निचले तबके लोग वंचित हैं। सीधे तौर पर लाभ मिलना तो दूर हैं। लोग झोपड़ीनुमा घर में ही गुजर-बसर कर रहे हैं। आवास का पैसा पास होने के बाद भी बैंकों को चक्कर लगा रहे हैं। सभी की मिलीभगत से पैसों को बीच में ही बंदरबांट हो जा रही है। लाभुकों द्वारा पैसा नहीं देने पर कोई काम नहीं हो रहा है।

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