नवगीतिका कवि गोष्ठी का आयोजन आशाओं से भरी आंखें लिए वह जागती रही, सोती रही ।

नवगीतिका कवि गोष्ठी का आयोजन आशाओं से भरी आंखें लिए वह जागती रही, सोती रही

बरुण कुमार:—

सांस्कृतिक-साहित्यिक संस्था नवगीतिका लोक रसधार द्वारा मित्रों के संग,कविता के रंग ऑनलाइन कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें सोनपुर, वैशाली, पटना और रांची के दर्जनभर से अधिक कवियों ने हिस्सा लिया । कवि गोष्ठी की अध्यक्षता प्रो. प्रमोद कुमार शर्मा ने की । उन्होंने कहा कि कविता मनुष्य को एक बेहतर इंसान बनाती है । उन्होंने अपनी स्वरचित कविताओं का पाठ कर श्रोताओं के दिल को जीता ।

सोनपुर के वरिष्ठ कवि सीताराम सिंह ने ए दो नैना भी बरस गए तुम जो आए सावन की तरह कविता सुनाई । मशहूर गीतकार आराधना प्रसाद ने नेह मेघ बन आसमान पर छा जाओ मेरे साजन रिमझिम-रिमझिम प्रेम सुधा बरसाओ मेरे साजन गाया जिसे लोगों ने खूब पसंद किया । कार्यक्रम में जगदंबी प्रसाद यादव हिंदी संस्थान और अंतरराष्ट्रीय हिंदी परिषद के अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार यादव ने कहा कि साहित्य समाज को सही दिशा दिखाता है और तटस्थ रहता है । गोष्ठी में उन्होंने रात भर बारिश होती रही, आशाओं से भरी आंखें लिए वह जागती रही, सोती रही कविता सुनाई । कवयित्री डॉ केकी कृष्ण ने प्रेम का रंग कविता सुनाते हुए कहा कि प्यार की खुशबू से हर पल महकता है और जीवन का रंग उमंग प्यार मनुहार/ बिन तेरे सब बेकार/ तेरा नाम मिल गया तो मुझे मिल गया सारा संसार । गोष्ठी में कवयित्री अर्चना त्रिपाठी ने टीस कविता के माध्यम से महिलाओं के मन की पीड़ा को उजागर किया । रांची से आभासनाथ ने सुशांत सिंह राजपूत को समर्पित कविता सुनाई तो शौर्य ने कोरोना पर अपना नया गीत सुनाया । शिवनारायण सिन्हा ने मां और सावन कविताएं सुनाई । युवा कवयित्री अर्पिता ने भी अपनी कविता से लोगों का मन मोह लिया । वरिष्ठ कवि मधुरेश नारायण ने सभी कवियों का उत्साहवर्धन करते हुए संकल्प कविता सुनाई- आसमां में परिंदे उड़े जा रहे हैं, सपनों को पंख लगे जा रहे हैं, तूफानों से लड़ने का माद्दा जो रखते लहरों पर नाव खेवे जा रहे हैं । नवगीतिका लोक रसधार की सचिव नीतू कुमारी नवगीत ने सभी कवियों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कैसे खेले जइबू सावन में कजरिया बदरिया घिर आए ननदी गीत सुनाया ।

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