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नवनियुक्त सहायक आचार्यों की दो दिवसीय सम्भाग स्तरीय शिक्षक दक्षता संवद्र्धन कार्यशाला का सम्पन्न।

रवि शर्मा, स्टेट ब्यूरो हैड, सीकर,

राजस्थान चूरू, 12 दिसंबर। राजकीय लोहिया महाविद्यालय, चूरू में आयोजित दो दिवसीय सम्भाग स्तरीय शिक्षक दक्षता संवद्र्धन कार्यशाला के समापन समारोह में गुरूवार को कुल 07 सत्र आयोजित किए गए।प्राचार्य दिलीप सिंह पूनिया ने बताया कि पहले सत्र में गणित के विभागाध्यक्ष डॉ. ए. एल. कुलहरि ने एसएसओ आईडी, बौद्धिक सम्पदा अधिकार व सम्पर्क पोर्टल के बारे में तथा द्वितीय सत्र में रसायन शास्त्र के विभागाध्यक्ष डॉ. ए. के. सक्सेना ने पीपीटी के माध्यम से

कॉलेज वेब पेज, कॉलेज वेबसाइट, कॉलेज मैनेजमेन्ट पोर्टल, ई-क्लास, बायोमैट्रिक मशीन पर उपस्थिति तथा इनफलिबनेट पर विस्तार से प्रकाश डाला। तृतीय सत्र में सहायक लेखाधिकारी रामस्वरूप शर्मा ने अवकाश के प्रकार, राजस्थान लेखा एवं सेवा नियमों की जानकारी प्रदान दी तथा चतुर्थ सत्र में कोष कार्यालय के महेन्द्र कुमार ने ई-बिल ए टीए बिल सम्बन्धी जानकारी प्रदान की।पांचवे सत्र में सेवानिवृत पी.जी. प्राचार्य हनुमाना राम ईसराण ने महाविद्यालयों में प्रशासनिक कार्यों के अन्तर्गत कार्यालय आदेश, कार्यालय टिप्पणी एवं पत्रावली संधारण सम्बन्धी जानकारी प्रदान की। उन्होंने राजस्थान सेवा नियम के अन्तर्गत परिवीक्षाधीन सहायक आचार्यों को देय अवकाशों, सीसीए नियमों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि महाविद्यालयों में प्रशासनिक कार्यों का सम्पादन राजस्थान सेवा नियमों के अनुसार ही किया जाना चाहिए। उन्होंने कार्यालय आदेशों की प्रक्रिया,भाषा व सरल सुस्पष्टता के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि सभी पत्राचार सुस्पष्ट एवं सटीक होने चाहिए। उन्होंने नियुक्ति अधिकारी, विभागाध्यक्ष एवं कार्यालय अध्यक्ष (डीडीओ) की शक्तियों एवं दायित्वों की विस्तार से व्याख्या की।छठे एवं सातवें सत्र में शिक्षण में तकनीकी एवं प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग विषय पर प्राणिशास्त्र के डॉ. के. सी. सोनी व वनस्पतिशास्त्र के डॉ. पी. के. शर्मा ने पीपीटी के माध्यम से प्रकाश डाला। कार्यशाला के समापन समारोह के मुख्य अतिथि सेवानिवृत सह आचार्य कमल सिंह कोठारी ने नवनियुक्त सहायक आचार्यों के लिए ऎसी कार्यशाला को महत्वपूर्ण बताया तथा सभी शिक्षकों को शिक्षण कार्य को गुणात्मक एवं प्रभावशाली बनाने के लिए आह्वान किया। प्राचार्य दिलीप सिंह पूनियां ने अध्यक्षीय उद्बोधन दिया। विष्णु कुमार, सहायक आचार्य, संस्कृत राजकीय कन्या महाविद्यालय, रतनगढ़ ने कार्यशाला के बारे में विस्तृत रूप से अपनी राय रखी तथा कार्यक्रम को सफल बताया। कार्यक्रम के समन्वयसक प्रो. महावीर सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यशाला का संचालन कार्यक्रम के सह समन्वयक डॉ. सुमेर सिंह ने किया।

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