पटना,पटना में आज कई शिक्षा संस्थान के ऐम.डी मनोज कुमार हुये गिरफ्तार…

*पटना बियरों कि रिपोर्ट*

मनोज कुमार एवं सुधांशु शेखर पिता रामेश्वर पाण्डेय,माता पौधारी देवी।जानकारी के अनुसार ये सभी लोग ग्राम-कौपा,थाना-काराकाट,जिला-रोहतास जिले के स्थाई निवासी है।मनोज कुमार बड़ा भाई है और छोटे भाई का नाम सुधांशु शेखर है।

दोनों भाई पटना में आकर शिक्षा से संबंधित कुछ कारोबार करने का मन बनाया।आपस में बात चित कर सहमति से अपने पिताजी से कुछ रूपये सहयोग में गांव से लेकर आये।अपने कुछ मित्रों का भि उन्होंने मदद और सहयोग लेकर सन् 2004 में नशनल को-आपरेशन कौशिल ट्रस्ट बनाये।

इस ट्रस्ट के अंतर्गत कई शैक्षणिक संस्थानों को संचालित किया जाने लगा।इस ट्रस्ट के अंतर्गत पाटलिपुत्रा आई.टी.आई. (आर.पी.एस. मोड़ पटना),मोकामा आई.टी.आई. (मोकामा,पटना भारत बैगन कम्पनी के ठीक सामने),झलक बाबा आई.टी.आई पिरो भोजपुर (भोजपुर रोड़ पिरो ब्लॉक के पास),पाटलीपुत्रा इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिग ट्रेनिंग (आशियाना नगर पटना),प्रहलाद राय टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज बक्सर(तियरा बजार बक्सर) ऐसे ऐसे अन्य कई शैक्षणिक संस्थान संचालित किया जाता हैं दोनों भाईयों के द्वारा।*बहनोइ को बनाया बेवकूफ और संपत्ति को हड़पना चाहा*इस हँसता खेलता परिवार में दुख का संकट तब मंडराने लगा।जब मनोज कुमार को संपत्ति का भुख सर पर इतना सवार हो गया।

कि वह प्रहलाद राय टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज तियरा बजार जिला बक्सर खोलने हेतु अपने बड़े बहनोई संतोष कुमार राय पिता पहलाद राय ग्राम तियरा,थान राजपुर जिला बक्सर निवासी से धोखाघड़ी कर के एक बिगहा छ:कट्ठा जमीन दान पत्र में अपने ट्रस्ट के नाम पर लिखवा लिए।उसके बाद सब सही चलता गया बिल्डिंग का निर्माण कार्य संतोष कुमार के देखरेख में किया गया।सब हो जाने के बाद छात्र-छात्राओं का नामांकन हो कर पढाई लिखाई के साथ साथ परिक्षा भी छात्रों का पड़ा।कुछ दिन तक साथ रखकर मनोज कुमार ने अपने सगा बहनोइ संतोष कुमार राय को दर किनार कर दिये।इस कारण घर में आपसी विवाद सुरू हो गया।छोटे भाई सुधाशु का कहना था कि बहनोइ से जिस शर्त पर जमीन लिये हैं।वो शर्त को मानना होगा जबकि मनोज कुमार का नियत खराब हो गया था।प्राप्त जानकारी के अंनुसार इन सब कारणों को लेकर घर में रोजाना हला गुल्ला होने लगा और घर का महैल खराब हो गया।*पति और पत्नी मिलकर छोटे भाई को संपत्ति से बेदखल*मनोज कुमार एवं उनकी पत्नी रमा देवी छोटे भाई से कलह करने लगे।यह सुनकर मनोज कुमार के माता-पिता गांव से पटना घर पर आ गये (पिछले साल दिसंबर महिने में) जानकारी के अनुसार मनोज कुमार और उनकी पत्नी माता-पिता के साथ कहा सुनी करते करते कुछ देर के बाद विजय नगर पटना वाले मकान से धक्का देकर निकाल दिये।आस पास के लोग सोर सराबा सुनकर बाहर आये तो देखा कि माता-पिता को घर से बाहर निकाल दिया और जोर जोर से कुछ बात को लेकर चिल्ला रहे थे।जब इसका विरोध सुधांशु शेखर किये तो मनोज कुमार का कहना था कि ये सब संपत्ति मेरा है सब संस्थान का मालिक मैं(मनोज कुमार) हु।

आपको बताते चले कि प्राप्त जानकारी के अनुसार सारा प्रोपर्टी और उनका सारा संपत्ति अभी संयुक्त रूप से अभी सभी साथ हैं दोनों भाईयों का।दोनों भाई अपने घर से पिता के द्वारा दिये गए रूपये खर्च कर शैक्षणिक संस्थान खोला था।*अपने माता-पिता को घर से निकाला*माता-पिता को घर से निकाले जाने के बाद सुधांशु शेखर दोनों को लेकर अपने दुसरे घर नेपाली नगर राजीव नगर पटना चले गये। साथ में दोनों को रखने लगे और अच्छा से देखभाल करने लगे।संपत्ति का विवाद इतना बढ गया कि मनोज कुमार और उनकी पत्नी सभी संस्थानों एवं दोनों मकानों को हड़पने के मकसद से। इसी वर्ष दिनांक 17/07/2019 को अपने कुछ मित्रों के साथ अपने छोटे भाई के घर आ पहुंचे।घर का गेट खुला पाकर सभी लोग घर में प्रवेश कर गये।मनोज कुमार और उनकी पत्नी पहले गाली गलौज करने के बाद दोनों मनोज कुमार,उनकी पत्नी और साथ में गए मित्रों ने चाकु से अपने माता,पिता,छोटी बहन,भाई सुधांशु शेखंर और उनकी पत्नी पर हमला बोलकर चाकु से वार कर घायल कर दिया।जानकारी के अनुसार सभी का ईलाज पटना PMCH PATNA में कराया गया।*धन दौलत के लिए पति और पत्नी हुये बेचैन..चाकु से किये सभी पे बेरहमी से वार*वहा भी मनोज कुमार बाज नहीं आया इनजूरी रिपोर्ट हल्का बनाने के लिए काफी रूपये खर्च किया।रूपये के दम पर रिपोर्ट को हल्का किया गया।मनोज कुमार और उसकी पत्नी सभी को मौत के निद सुलाने के मकसद से ही घर में चुपके से प्रवेश किये थे।*अब तक पैरवी और रूपये के बल पर रहा फरार*मनोज कुमार पैसा एवं पैरवी के बल पर अभी तक फरार चल रहे थे।आप को जानकारी देते हुए बता दे कि राजीव नगर थाना काड़ सं-352/19 के नामजद अभयुक्त का जमानत याचिका माननीय जिला न्यायालय द्वारा खारिज कर दि गई थी।फिर भी वह आदमी राजनीतिक रसूख रखने वाले के साथ रह कर एवं पैरवी और रूपये खर्च कर अभी तक गिरफ्तारी नहीं हो रही थी।इस केस में गिरफ्तारी हेतु कई बार गृह मंत्रालय बिहार सरकार द्वारा पत्र निर्गत किया गया एवं अवर पुलिस अधिक्षक द्वारा कार्रवाई हेतु पत्र निर्गत किया गया।*आज का दिन मनहूस साबित हुआ मनोज कुमार के लिए*तब आज दिनांक 27/12/19 को विजय नगर पटना वाले मकान में अराम से राजीव नगर थाना प्रभारी जाकर बात चित करने के बाद नोटिस थमा कर गिरफ्तार कर लिया।जबकि वहाँ नामजद अभ्युक्त मनोज कुमार की पत्नी (रमा देवी) को महिला होने का हवाला देकर राजीव थाना प्रभारी ने उन्हें छोड़ दिया।साथ में मनोज कुमार को राजीव थाना प्रभारी और पुलिस गिरफ्तार कर थाना लेकर पहुंची।

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