फलदार वृक्षों की खेती पर मिल रहा है 50 प्रतिषत अनुदान, बगीचा लगाने का है सही समय – डा॰ प्रेम कुमार

 

 

गया मानसून के समय पर आगमन से किसानों ने खेती के कार्य समय से प्रारम्भ कर दिये हैं, इन्हीं कार्यो में नये फलदार वृक्षों को लगाने का भी है। इसी को ध्यान में रखते हुये डाॅ॰ प्रेम कुमार, मंत्री, कृषि, पशुपालन एवं मत्स्य संसाधन विभाग, बिहार ने उप निदेषक, उद्यान, गया श्री राकेष कुमार से मगध प्रमण्डल में नये बाग लगाये जाने की तैयारी की समीक्षा किया गया है। मंत्री ने कहा कि किसानों की आमदनी को बढ़ाने के लिये बागवानी फसलों का बहुत बड़ा योगदान होता है। किसान भाई यदि सफलतापूर्वक फलदार वृक्ष का बगीचा लगा लेते हैं तो समुचित देखभाल करने पर उससे बहुत ही कम लागत में कई वर्षो तक अच्छी आमदनी ली जा सकती है।

 

 

साथ ही बगीचा के बीच के स्थान में छाया पसन्द करने वाली सब्जियों एवं मसाला फसलों की अन्तर्वती खेती करके अतिरिक्त आमदनी प्राप्त की जा सकती है। राज्य सरकार बहुवर्षीय फलदार वृक्ष आम, अमरुद, लींची, अनार, शरीफा, नींबू और बेर तथा एक से दो वर्षीय टिष्यू कल्चर केला, शहजन, पपीता आदि की खेती पर 50 प्रतिशत अनुदान दे रही है। योजना के लाभ लेने के लिये उद्यान विभाग की वेबसाईट horticulture.bihar.gov.in पर दिये गये लिंक से आॅनलाईन आवेदन कर सकते हैं। योजना अन्तर्गत आम, अमरुद एवं लीची का एक हेक्टेयर बगीचा लगाने के लिये 50 हजार रुपये, टिषू कल्चर केला के एक हेक्टेयर खेती के लिये 62 हजार 500 रुपये एवं पपीता की एक हेक्टेयर खेती के लिये 75 प्रतिषत की दर से 45 हजार रुपये अनुदान दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त बगीचा में सूक्ष्म सिंचाई योजना से 90 प्रतिषत अनुदान पर ड्रिप सिंचाई प्रणाली लगवाया जा सकता है। ड्रिप सिंचाई प्रणाली को बगीचा में लगाने से पानी एवं उर्वरक की कम मात्रा से बहुत अच्छी गुणवत्ता की उपज प्राप्त होती है। मंत्री ने कहा कि फलदार वृक्षों की खेती से एक हेक्टेयर खेत से साल में आसानी से 5 से 7 लाख रुपये कमाये जा सकते हैं।

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