बुद्धं शरणं गच्छामि, धम्मं शरणं गच्छामि, संधं शरणं गच्छामि के उच्चारण के साथ मुख्यमंत्री ने बौद्ध महोत्सव 2020 का किया कागाज।

धीरज गुप्ता की रिपोर्ट :—

गया मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बोधगया के कालचक्र मैदान में आज बौद्ध महोत्सव 2020 का दीप प्रज्जजलित कर उद्घाटन किया गया है गया के जिलाधिकारीअभिषेक सिंह ने पौधा एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया है पांच देशों से आये विदेशी पर्यटकों ने भी पुष्प-गुच्छ,अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया एवं बुद्ध के जीवन एवं बौद्ध महोत्सव से संबंधित स्मारिका का मुख्यमंत्री ने विमोचन किया गया है
बौद्ध महोत्सव पर आधारित लघु फिल्‍म भी प्रदर्शित की गईमहोत्सव हैं।

मुख्यमंत्री ने बौद्ध महोत्सव का आगाज बुद्धं शरणं गच्छामि, धम्मं शरणं गच्छामि, संघं शरणं गच्छामि के उच्चारण के साथ की।मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि बौद्ध महोत्सव के अवसर पर देश विदेश से आए कलाकारों का मैं स्वागत करता हूँ और मुझे पूरा भरोसा है कि बौद्ध महोत्सव का कार्यक्रम बेहतर तरीके से लगातार हो रहा है इसके चलते अब बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी भी होने लगी है अब इसमें अनेक देशों के लोग शामिल हो रहे हैं,यह बहुत बड़ी बात है पिछले वर्ष से पूजा के सीजन में इस कार्यक्रम के आयोजन से बड़ी संख्या में बौद्ध श्रद्धालु,विदेशी पर्यटक एवं बड़ी संख्या में लोग हिस्सा ले रहे हैं इससे लोगों की बौद्ध धर्म,बोधगया और भगवान बुद्ध के प्रति श्रद्धा का पता चलता है बोधगया का काफी महत्व है ।

और यह ऐतिहासिक भूमि है नेपाल के लुम्बिनी में भगवान बुद्ध का जन्म हुआ और  ज्ञान प्राप्ति के लिए वे गया में कई जगह गए, वे ज्ञान प्राप्ति के पूर्व और उसके पश्चात राजगीर भी गये और वहॉ कई जगह उन्होंने ध्यान लगाया लेकिन बोधगया में उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई है भगवान बुद्ध ने पहला उपदेश वाराणसी के समीप स्थित सारनाथ में दिया है उनके प्रवचन से ही बौद्ध धर्म को मानने वाले लोग एकजुट हुये और पूरी दुनिया मेंइस धर्म का फैलाव हुआ है बोधगया की धरती अद्भूत है परम पावन दलाई लामा जी पहले कालचक्र पूजा के दौरान बोधगया आते थे अब हर वर्ष आते हैं उनका कहना है कि भगवान बुद्ध का उपदेश पूरी तरह से वैज्ञानिक था जब मैंने जानना चाहा तो परम पावन दलाई लामा ने कहा कि भगवान बुद्ध का कहना था कि मेरी कही गयी बातों को स्वीकार करने से पहले सोचो तब अपनी राय बनाओ,अगर सही लगता है

तो मानो अन्यथा नहीं मानो।मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले बौद्ध महोत्सव का आयोजन साधारण तरीके से होता था।अब उसे काफी व्यापक स्वरूप दिया गया है *बीटीएमसी के सचिव  दोरजे साहब ने जो महाबोधि मंदिर के विकास के लिए कार्य किया है,इसके लिए मैं उन्हें बधाई देता हूँ* बोधगया टेम्पल के विकास का काम काफी तेजी से हो रहा है। 2013 में मंदिर पर हमला करने का प्रयास किया गया है इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है उन्होंने कहा कि मंदिर आकर मैं सिर्फ पूजा ही नहीं करता हूँ बल्कि बोधगया की पूरी सुरक्षा को लेकर काफी गंभीर रहता हूं परम पावन दलाई लामा के प्रवास के दौरान भी सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक प्रबंध किये जाते हैं केंद्र सरकार ने अनेक पर्यटक स्थलों के विकास के लिए स्कीम स्वीकृत की हैं इसमें बोधगया का भी चयन किया गया है बोधगया के विकास के लिए एक कसल्टेंट बहाल किया गया है उन्होंने कहा कि आज हमने चार घंटे तक विकास कार्यों का जायजा लिया गया है 2010 के जनवरी में चार-पांच दिनों तक हमने गया एवं बोधगया का भ्रमण किया था

मुचलिंद सरोवर की व्यवस्था का भी जायजा लिया था आज भी मुचलिंद सरोवर का निरीक्षण कर उसके समेकित विकास का हमने निर्देश दिया है माया सरोवर की स्थिति भी ठीक नहीं है। उसके विकास के लिए आज चर्चा की गई है जयप्रकाश उद्यान का महाबोधि मंदिर से रास्ता बनाया जाएगा और बोधगया के विकास के लिए महाबोधि सांस्कृतिक केंद्र का निर्माण कराया जा रहा है उसके समीप 100 कमरों का गेस्ट हाउस बनाने का निर्णय लिया गया हैताकि देश-विदेश से आने वाले लोगों को रहने की व्यवस्था सुलभ हो सके।मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले बिहार में लाखों की संख्या में पर्यटक आते थे और अब करोड़ों की संख्या में पर्यटक आते हैं आज साढ़े तीन करोड़ पर्यटक प्रत्येक वर्ष बिहार आ रहे हैं पहले विदेशी पर्यटकों की संख्या हजारों में थी आज उनकी संख्या भी लाखों में पहुंच गई है बोधगया और गया अंतर्राष्ट्रीय स्थल हैं ये ज्ञान और निर्वाण की भूमि है गया में पितृपक्ष के दौरान आने वाले लोगों की सुविधा के लिए नई व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

विष्णुपद मंदिर के निकट फल्गु नदी में कम से कम दो फीट पानी उपलब्ध कराने के लिए कार्य किये जा रहे हैं पेयजल संकट को दूर करने के लिए गंगा का जल लाकर घर-घर तक पहुंचाया जाएगा और यहां के विकास के लिए अनेक कार्य किए जा रहे हैं प्रेतशिला,ब्रह्मयोनि एवं दुंगेश्वरी पर्वत पर रोपवे का निर्माण किया जाएगा एवं भगवान बुद्ध की स्मृति में पटना में बुद्धा स्मृति पार्क की स्थापना की गई है वहां म्यूजियम और विपश्यना केंद्र की स्थापना की गई है वहां करुणा स्तूप की भी स्थापना की गई है भगवान बुद्ध की प्रतिमा के समीप बोधि वृक्ष लगाया गया है एक ओर श्रीलंका के अनुराधापुरम से पौधा मंगाकर लगाया गया है तो श्रावस्ती से भी बोधिवृक्ष मंगवाकर बुद्धा स्मृति पार्क में लगाया गया है वैशाली में बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय का निर्माण किया जा रहा है वैशाली से भी भगवान बुद्ध का बड़ा नाता रहा है वे वहॉ कई बार गए हैं यहीं उन्होंने महिलाओं को संघ में पहली बार शामिल किया था। वैशाली में भगवान बुद्ध के अवशेष मिले हैं, जिन्हें पटना म्यूजियम में रखा गया है बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय में उसे स्थापित किया जाएगा और इस संग्रहालय का निर्माण पत्थरों से किया जा रहा है ताकि वह लंबे समय तक सुरक्षित रहे। भगवान बुद्ध के उपदेशों को मानना चाहिए और उनके बताए आष्टांगिक मार्ग, सम्यक दृष्टि,सम्यक संकल्प,सम्यक वाक,सम्यक क्रमांक,सम्यक आजीव,सम्यक व्यायाम,सम्यक स्मृति और सम्यक समाज को समझना होगा। *भगवान बुद्ध ने कहा है
कि कर्मचक्र से छूटने के लिए आचरण का शुद्ध होना जरुरी है हमलोगों को इन बातों का ध्यान रखना चाहिए* मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में हम न्याय के साथ विकास कर रहे हैं। हाशिये पर खड़े लोगों को युख्य धारा से जोड़ने का काम किया है महिला सशक्तिकरण को लेकर कई कार्य किये गये हैं हम विकास के साथ-साथ समाज सुधार का काम भी कर रहे हैं। शराबबंदी और नशामुक्ति के समर्थन में, जबकि बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ लगातार अभियान चला रहे हैं जलवायु परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए हमने जल-जीवन-हरियाली
अभियान की शुरूआत की है जल है और हरियाली है तभी जीवन सुरक्षित है तीन साल में इस योजना पर 24 हजार 500 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। 49 जनवरी 2020 को सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ, नशामुक्ति और जल-जीवन-हरियाली के समर्थन में बनी 18 हजार किलोमीटर से अधिक लंबी मानव श्रृंखला में पांच करोड़ 18 लाख से भी ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया है पर्यावरण को लेकर बिहार में जो जागृति आई है वह खुशी की बात है हमलोगों का एक ही संकल्प है लोगों की सेवा करना, यही हमारा धर्म है लोगों के बीच वैचारिक मतभेद हो सकते हैं लेकिन हमें एक-दूसरे का सम्मान और इज्जत करना चाहिए एवं राज्य के हर इच्छुक व्यक्ति तक बिजली का कनेक्शन पहुंच चुका है इस साल नल का जल,हर घर शौचालय, पक्की गली-नाली का कार्य पूरा कर लिया जाएगा और बोधगया और गया ऐतिहासिक भूमि है। यहां आने में लोगों को कोई दिक्कत नहीं हो,इसके लिए राज्य सरकार कृतसंकल्पित है इस मौके पर देश-विदेश से आये कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम में अपनी प्रस्तुति दी एवं मुख्यमंत्री ने सांस्कृतिक कार्यक्रम का लुत्फ भी उठाया एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रसिद्ध अभिनेत्री एवं सांसद हेमा मालिनी को पुष्प-गुच्छ,अंगवस्त्र एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर उनका अभिनंदन किया गया है।

इस बौद्ध महोत्सव को उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, शिक्षा मंत्री सह गया जिले के प्रभारी मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा, कृषि एवं पशु मत्स्य संसाधन मंत्री डॉ0 प्रेम कुमार,पर्यटन मंत्री कृष्ण कुमार ऋषि एवं गया के जिलाधिकारी अभिषेक कुमार ने भी संबोधित किए।इस अवसर पर मुख्यमंत्री के परामर्शी श्री अंजनी कुमार सिंह,सांसद विजय मांझी,विधायक अभय कुशवाहा,विधायक विनोद सिंह यादव, विधान पार्षद मनोरमा देवी, पूर्व सांसद हरि मांझी,पूर्व विधायक वीरेंद्र सिंह,पूर्व विधान पार्षद  अनुजकुमार सिंह, पर्यटन विभाग के प्रधान सचिव उदय सिंह कुमावत, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार,मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार,मगध प्रमंडल के आयुक्त असंगवा चुवा आवो,गया के जिलाधिकारी अभिषेक सिंह,वरीय पुलिस अधीक्षक राजीव मिश्रा
सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति, वरीय अधिकारीगण,देश-विदेश से आये बौद्ध धर्मावलम्बी,कलाकार एवं बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WhatsApp chat