भक्ति की खोज में साधक का आँखे बंद कर अन्तर मुखी हो कर भक्ति प्राप्त को साधना करनी चाहिए

मुंगेर जिला के संग्रामपुर से रोहित कुमार का रिपोर्ट

संग्रामपुर प्रखंड के दूर्गा पुर पंचायत के नावगाय माता पीरा हरनी काली स्थान में हो रहे कार्तिक माह के दौरान ब्यास संत रामखेलावन बाबा ने बताया कि भक्ति की खोज में साधक का आँखे बंद कर अन्तर मुखी हो कर भक्ति प्राप्त को साधना करनी चाहिए अर्थात जीव जब तक अंतर मुखी नही होगा तबतक भक्ति की प्राप्ति नही कर पायेगा उपरोक्त सिद्धान्त को प्रति पारित करते हुए स्वंय प्रभा बताती है

कि स्वंय प्रभा अर्थात अपनी प्रभाव होता है उधार की प्रभा नही ब्यक्ति में स्वंय प्रभा प्रकट होनी चाहिए भगवा कर्म करने में मानव का थोड़ा अन्त दर्शन करना चाहिए आप आंख बंद कर राम नाम का किर्तन कीजिये आप संसार सागर के किनारे पहुँच जायेंगे इस मौके पर सैकड़ो की संख्या में सर्द्धालु मौजूद थे

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