भागलपुर दंगा के 30 वर्ष होने के उपरांत पर राष्ट्रीय विमर्श ।

भागलपुर/अफरोज अंसारी

आज राष्ट्रसेवा दल ,बिहार की ओर से भागलपुर दंगे के तीस साल पूरा होने अवसर पर “बहुलतावादी संस्कृति और हिंसा की राजनीति ” बिषय पर राष्ट्रीय विमर्श शुरू हुआ . उद्घाटन राष्ट्रसेवा दल के पूर्व अध्यक्ष डॉ सुरेश खैरनार ने किया . उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता भागलपुर जिला के कार्याध्यक्ष ऐनुल होदा ने किया . विमर्श का विषय राष्ट्रसेवा दल के प्रान्तीय कार्याध्यक्ष ने किया विमर्श में ति .मां .भागलपुर विश्व विद्यालय के डी एस डब्ल्यू डॉ योगेंद्र , प्रोक्टर डॉ विलक्षण रविदास , पटना से आये पूर्व एम एल सी एवं शिक्षक नेता डॉ बसी अहमद , महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से आये शिक्षक डॉ शरद जायसवाल , रामशरण , गांधी विचार विभाग के अध्यक्ष डॉ विजय , समस्तीपुर के सुरेंद्र कुमार , गया के कारु जी , बिहार अंगिका अकादमी के अध्यक्ष डॉ लखन लाल आरोही, रिजवान खान, सार्थक भरत , कृष्णानंद सागर , मनीषा बैनर्जी आदि ने अपनी अपनी बात रखी . विमर्श जारी है .
इस अवसर पर शांतिनिकेतन से आये प्रतिभागियों ने अरिंदम के निर्देशन में बादल सरकार लिखित नाटक खट मट क्रींग की प्रस्तुति हुई . नाटक में हिटलर के नस्लवादी फासिस्ट विचार आक्रमण किया गया है . इस नाटक में महाभारत के मिथ से विभेदकारी नीति , शम्बूक की हत्या का अर्थ को रेखांकित किया गया .नाटक में अरिंदम , मनीषा बैनर्जी , शेख शाबिर , मालती चटर्जी , शोयबा चटर्जी , अभिषेक भगत , सोहराब अली , रूनी खातून , मुमताज शिरीन आदि ने अभिनय किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WhatsApp chat