मिर्जापुर में मिस्कार जाति के अधिकतर लोग अपने जीवनयापन के लिये बांसुरी बनाते है और बेचते है।

मनोरंजन पाठक छपरा

छपरा मढौरा प्रखंड क्षेत्र के मढौरा नट बस्ती और मिर्जापुर में मिस्कार जाति के अधिकतर लोग अपने जीवनयापन के लिये बांसुरी बनाते है और बेचते है। यह परंपरा कोई नई नही है कई दशकों से यहाँ बनता आ रहा है, कुछ ऐसे भी परिवार है जो इसे बनाकर ग्रामीण क्षेत्रों में घूमकर दिनभर बेंचकर अपना घर चलाते है। तो कई ऐसे है जो हजारों की संख्या में इसे बनाकर केरल सहित अन्य राज्यो में जाकर रेलवे स्टेशन ,बाजारों आदि प्रमुख भीड़ भाड़ वाली जगहों पर जाकर बेचते है। मिर्जापुर के नबीहन खातून की माने तो बांसुरी बनाने के काम मे पूरा परिवार का सहयोग होता है, साथ ही बच्चे जब स्कूल से आते है तो वो भी इसमें सहयोग करते है। पूरे ही मुहल्ले के सभी सदस्य इस काम मे पूरी तरह निपुण है। यहां के स्थानीय लोग ज्यादातरअक्टूबर नवम्बर माह में इसे तैयार करते है, और फिर काफी मात्रा में माल लेकर अन्य प्रदेशों में निकल जाते है। और फिर करीब फरवरी मार्च तक बेचते है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WhatsApp chat