विकासखंड मनकापुर के कई विद्यालय ऐसे है जिन्हें कायाकल्प की हवा भी नहीं लगी है।

स्टेट ब्यूरो रिपोर्ट:- कृष्ण मोहन

मनकापुर गोंडा परिषदीय विद्यालयों का कायाकल्प करने के लिए शासन ने लाखों रुपए लगाकर शिक्षण संस्थान को शिक्षण कार्य के अनुकूल बनाने के लिए प्रस्ताव पारित कर दिया लेकिन विकासखंड मनकापुर के कई विद्यालय ऐसे है जिन्हें कायाकल्प की हवा भी नहीं लगी है प्रधान की बेरुखी का शिकार हुआ विद्यालय वही पर मनकापुर शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय बक्सरा आज्ञाराम को शिक्षक ने फूल – पत्तियों को क्यारियों में लगाकर खुशनुमा माहौल बनाने का पूरा प्रयास किया है लेकिन ग्राम पंचायत संस्था की उपेक्षा के चलते विद्यालय वाल बाउंड्री बिहीन व साफ सफाई के अभाव में शासन की मंशा अनुरूप नहीं हो पा रहा है

विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चे जहरीले व जंगली जानवरों के के साए में शिक्षा प्राप्त करने के लिए मजबूर हैं विद्यालय के तीन तरफ से पक्की सड़क है जिससे पढ़ने वाले बच्चे विद्यालय परिसर से कभी भी बाहर जा सकते हैं इसके पहले दो बार बच्चे रोड पर चोटिल भी हो चुके है इसलिए शिक्षक द्वारा विद्यालय परिसर के किनारे किनारे तार व पटरा से अस्थाई बैरिकेडिंग किया गया है प्रधानाध्यापक अरुण कुमार तिवारी ने ने बताया कि विद्यालय में 105 बच्चों का नामांकन है, ग्राम पंचायत संस्था द्वारा कायाकल्प के अंतर्गत कोई भी कार्य नहीं कराया गया है जिससे विद्यालय में जंगली जानवर, घुमंतू जानवर और सांप बिच्छू का आशंका बना रहता है जानवरों से बचने के लिए विद्यालय परिसर के चारों तरफ कांटेदार तार और लकड़ी का पटरा लगाया गया है मुख्य द्वार पर पटरी से गेट बनाया गया है प्रधानाध्यापक अरुण कुमार त्रिपाठी ने बताया कि विद्यालय परिसर में लगा इंडिया मार्का नल दूषित पानी दे रहा है पानी भर कर रख देने कि कुछ मिनटों बाद ही पानी पीला हो जाता है शाशन की मनसा पर फेर रहे हैकिसी बड़ी दुर्घटना का कर रहे है इंतजार

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