श्री मद भागवत कथा अमर कथा है।

मुंगेर जिला के संग्रामपुर से रोहित कुमार का रिपोर्ट

श्री मद भागवत कथा अमर कथा है। जो मृत्यु के भय का नाश करती हैं। और मृत्यु के भय से मुक्त होने पर ही महाराज परीक्षित को मोक्ष की प्राप्ति हुई। उक्त बातें प्रखंड के शीतल नाम कहुआ के प्रांगण में आयोजित सात दिवसीय श्री मद भागवत ज्ञान कथा के चौथे दिन उड़ीसा से आये कथावाचक श्री भरतदास जी महाराज उत्कल व्यास ने कही। कथा के चौथे दिन श्री व्यास जी के द्वारा भक्ति, ज्ञान, वैराग्य एवं त्याग पर व्याख्यान प्रस्तुत करते हुए। उन्होनें तुलनात्मक प्रवचन किया। श्री व्यास जी ने बताया कि गीता योग ग्रंथ हैं। भागवत वियोग ग्रंथ एवं श्री रामचरितमानस को उन्होंने प्रयोग ग्रंथ बताया। भगवान वसुदेव की अन्यन भक्ति ही मानव जीवन की सर्वोपरि उपलब्धि हैं।

भगवान की कथा औषध हैं। तो कथा का सार रसायन हैं। श्री व्यास जी ने बताया कि औषध रोग को मिटाता हैं। और रसायन रोग होने ही नहीं देता हैं। इसलिए रौनक जी ने श्री सूत जी से “मम कर्ण रसायन” सुनना चाहा और सुत जी ने वही सुनाया। वही सात दिवसीय श्री मद भागवत ज्ञान कथा में भक्तिमय संगीत एवं भजन के साथ ही कथा श्रवण करने बाले महिला पुरूष श्रद्धालुओं की काफी भीड़ देखी गई। साथ ही इस सात दिवसीय भागवत कथा के व्यवस्थापक श्री रामखेलावन शर्मा एवं दर्जनों कहुआ के ग्रामीणों की सक्रिय भूमिका देखी गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WhatsApp chat