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समाजसेवी दन्त चिकित्सक डॉ धर्मेन्द्र कुमार राज्यपाल से मिलकर शिक्षा व्यवस्था की सुधार का किया माँग

राकेश नालंदा की रिपोट :–राजगीर

बिहार के राज्यपाल महामहिम आदरणीय श्री फगु चौहान जी से एक सिस्टमण्डल मिलकर शिक्षा से सम्बंधित कई माँग उनके समक्ष रखा।जिसका नेतृत्व बिहार राज्य के सुप्रसिद्ध समाजसेवी दन्त चिकित्सक डॉ धर्मेन्द्र कुमार अध्यक्ष सह निदेशक जागरूकता अभियान कर रहे थे। उनकी मुख्य माँग बिहार में निःशुल्क व अनिवार्य शिक्षा का अधिकार सभी वर्ग के जरूरतमंद बच्चो और युवाओं के लिए एक समान कड़ाई से लागू किया जाये।उच्च शिक्षा की व्यवस्था बिहार के प्रत्येक जिले में सुनिश्चित की जाये। समान शिक्षा प्रणाली लागू किया जाय। इस अवसर पर महामहिम ने भरोसा दिया है कि आपकी माँग जायज है । हम इसको पूरा करने का अथक प्रयास करेंगे, शिक्षा से ही विकास संभव है। बताते चलें कि डॉ धर्मेंद्र कुमार जी के द्वारा बिहार राज्य के कई जिलों में अनेक तरह के सामाजिक कार्यक्रम किया जाता है । जिसमें ठंडे का मौसम में गर्म कपड़ों का वितरण करना, मेधावी छात्र-छात्राओं के बीच में पुरस्कार का वितरण करना, ग्रीन सिटी क्लीन सिटी अभियान का संचालन, पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण का कार्यक्रम करना , तंबाकू नशा उन्मूलन के लिए अनेक तरह के कार्यक्रम का संचालन करना, शराबबंदी को लेकर काफी हद तक प्रयास किया गया है , जिसकी सफलता अब बिहार में दिख रही है। एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम नालंदा जिला के अंतराष्ट्रीय पर्यटक नगरी राजगीर में किया गया था, इन्होंने विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर एक विशाल मानव श्रृंखला का निर्माण राजगीर से बिहार शरीफ तक लगभग पच्चीस किलोमीटर लंबा जागरूकता अभियान के द्वारा किया गया था, जिसका परिणाम स्वरूप बिहार सरकार ने गुटखा एवं अन्य तंबाकू उत्पाद पर प्रतिबंध लगा दिया था। इस कार्यक्रम से प्रेरित होकर बिहार सरकार ने शराबबंदी, बाल विवाह एवं दहेज प्रथा पर दो-दो बार मानव श्रृंखला बनाई। आगे इनकी सोच है कि बिहार राज्य में समान शिक्षा प्रणाली लागू हो, जिससे की समान कंपटीशन देने में छात्रों को कोई परेशानी ना हो। अभी की स्थिति में कान्वेंट स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे और सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के बीच कंपटीशन होता है तो स्वाभाविक है कि कान्वेंट स्कूल के बच्चे ही बाजी मारेंगे । इसमें सरकार को सुधार करने की जरूरत है।

सरकार को अनिवार्य रूप से जो भी सरकारी कर्मचारी हैं उनके बच्चे को सरकारी स्कूल में पढ़ने के लिए अनिवार्य कर देना चाहिए। जिससे सरकारी स्कूलों का स्थिति अपने आप सुधर जाएगा। भंगी का बेटा हो या मंत्री, डीएम का बेटा सभी एक साथ स्कूल में पढ़े ऐसा माहौल तैयार करना पड़ेगा।

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