2 महीने फ्री में राशन देगी सरकार, 5 किलो चावल/गेहूं और 1 किलो चना मिलेगा मुफ्त .

रत्नेश कुमार(पटना)—कोरोना संकट की माहमारी के बीच केंद्र सरकार की ओर से आर्थिक पैकेज का एलान किया गया है।बुधवार को एमएसएमई के लिए कुल 6 एलान किए जाने के बाद अब मध्यम वर्ग,किसानों और गरीबों को लेकर सरकार की ओर से घोषणा की जा रही है।सरकार की ओर से 3500 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रवासी मजदूरों के लिए किया गया है।जिससे उनको फ्री में अनाज और दाल दिया जायेगा।वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि प्रवासी मजदूरों को 2 महीने तक सरकार मुफ्त में अनाज देगी।उन्होंने बताया कि एक-एक प्रवासी मजदूरों के परिवारों को 5 किलो अनाज और एक किलो चना दिया जायेगा।इस योजना से 8 करोड़ प्रवासी मजदूरों के परिवारों को लाभ मिलेगा।केंद्र सरकार 3500 करोड़ रुपये का खर्च वहन करेगी।हालांकि इस जिम्मेदारी को पूरा करने में राज्य सरकार भी मदद करेगी।राज्य सरकार मजदूरों को पहचान कर उन तक मदद पहुंचाएगी।वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि प्रवासी मजदूरों के लिए तीन फैसले लिए गए हैं.

रेहड़ी पटरी वालों को राहत दी जा रही है।वित्त मंत्री ने कहा कि प्रवासी मजदूर,छोटे किसान, स्ट्रीट वेंडर आदि के लिए कुल 9 घोषणाएं की जा रही हैं।आज की कॉन्फेंस प्रवासी श्रमिकों,सड़क के किनारे स्टॉल लगाने वालों, छोटे व्यापारियों,स्वरोजगार वालों और छोटे किसानों पर केंद्रित है।वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि किसानों के लिए 86 हजार 600 करोड़ लोन की मंजूरी दी जा रही है। 25 लाख नए किसान क्रेडिट कार्ड बनाए जा रहे हैं।किसानों के लिए इंटरेस्ट सबवेंशन स्कीम को बढ़ाकर 31 मई तक किया गया है। 25 लाख नए किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए गए हैं।अब तक 3 करोड़ किसानों ने 4.22 लाख करोड़ के कृषि ऋण पर तीन माह तक लोन मोरिटोरियम का लाभ उठाया है।मार्च 2020 में नाबार्ड में सहकारी बैंकों और ग्रामीण बैंकों की मदद के लिए 29 हज़ार 500 करोड़ सहायता के लिए दिए गए। राज्यों को कृषि उत्पादोन्नकी खरीद के लिए मार्च 2020 से अब तक 6700 करोड़ रुपए की कार्यशील पूंजी दी गई है।शहरी गरीबों के लिए भी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एलान किए हैं।उन्होंने कहा कि राज्यों को राज्य आपदा प्रबंधन कोष से खर्च की इजाजत दी गई।केंद्र सरकार ने राज्यों को 11002 करोड़ रुपए SDRF को मजबूत करने के लिए दिए गए।इससे शेल्टर बनाए गए जिसमें तीन समय का भोजन उपलब्ध कराया गया। 12 हज़ार स्वयं सहायता समूह ने 3 करोड़ मास्क और 1.20 लाख लीटर सेनेटाइजर का उत्पादन किया गया। 15 मार्च के बाद से 7200 हज़ार नए स्वयं सहायता समूह बनाये गए।

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