50 फीसदी प्यार सड़ गया है…इसलिए किमतें आसमान छू रही हैं

पटना से रत्नेश कुमार

सरकारी स्टोरेज में सड़ गया 32 हजार टन प्याज, यहां 120 रुपये/किलो के पार पहुंचा भाव
केंद्रीय उपभोक्ता मंत्री रामविलास पासवान ने बताया कि सरकारी स्टोरेज में करीब 32,500 टन प्याज सड़ चुका है. केंद्र सरकार ने राज्यों से प्याज की स्टॉक लिमिट घटाने का भी​ निर्देश दिया है.

नई दिल्ली. एक तरफ देशभर में प्याज की कीमतें असामान छू रही हैं, वहीं दूसरी तरफ प्याज को लेकर अब सरकार हाथ खड़े करते हुए दिखाई दे रही है. बुधवार को संसद में केंद्रीय उपभोक्ता मंत्री रामविलास पासवान ने कहा कि इस साल बारिश और बाढ़ के चलते प्याज की पैदावार में 26 फीसदी तक गिरावट आई है. उन्होंने यह भी कहा कि 65,000 टन प्याज का बफर स्टॉक था, जिसमें 50 फीसदी प्याज सड़ गया है.
राज्यों को प्याज की स्टॉ​क लि​मिट घटाने का निर्देश
सीएनबीसी आवाज़ ने अपनी एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा है कि केंद्र सरकार ने राज्यों को प्याज की स्टॉक लिमिट घटाने का निर्देश दिया है. साथ ही, व्यापारियों पर भी सख्ती से कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.
सीएनबीसी आवाज़ ने अपनी एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा है कि केंद्र सरकार ने राज्यों को प्याज की स्टॉक लिमिट घटाने का निर्देश दिया है. साथ ही, व्यापारियों पर भी सख्ती से कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.

प्याज की सप्लाई नहीं बढ़ने से कीमतें बढ़ने के आसार
आपको बता दें कि देश के बड़े महानगर- दिल्ली, कोलकाता और चेन्नई में प्याज के दाम 100 से 120 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गए है. कारोबारियों का कहना है कि अगर मंडियों में प्याज की सप्लाई नहीं बढ़ती है तो कीमतें और बढ़ सकती हैं.

120 रुपये प्रति किलोग्राम तक है प्याज का भाव
बुधवार को कई मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि कोलकाता में प्याज की कीमतें 100 रुपये प्रति किलोग्राम के पार जा चुका है. लोकल सब्जी मंडियों में 120 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर प्याज बिक रहा है. व्यापारियों का कहना है कि लोकल वेयरहाउस में रखे गए प्याज की वजह से अभी तक कीमतें एक दायरे में था.

इसी प्रकार, चेन्नई में प्याज की खुदरा कीमत 120 रुपये प्रति किलोग्राम है. पिछले सप्ताह प्याज का होलसेल दाम 50 से 60 रुपये प्रति किलोग्राम था, जिसके बाद खुदरा दाम 80 रुपये तक रहा था. कायम्बेदु के बाजार में हर रोज 50 ट्रक प्याज की आवक है लेकिन इसके बावजूद भी 40 फीसदी तक मांग न पूरा होने की वजह से कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिल रहा है…

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