प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वव विद्यालय की शाखा गुलाब बाग में महाशिवरात्रि के अवसर पर ब्रह्माकुमारी अंजना बहन एवं सभापति गरिमा देवी सिकारिया ने शहर के गणमान्य भाई-बहनों के साथ शिव ध्वजारोहण का झंडा फहराया एवं झंडे के नीचे शुभ संकल्पों की प्रतिज्ञा ली। नगर परिषद् सभापति गरिमा सिकारिया के द्वारा हरी झंडी दिखाते हुए शोभायात्रा का शुभारंभ किया गया जो शहर के विभिन्न मार्गो से होते हुए लाल बाजार ,राज देवड़ी ,हॉस्पिटल रोड, कोतवाली चौक, इंदिरा चौक संत घाट होते हुए प्रभु उपवन भवन पहुंचा एवं समाज के विभिन्न वर्गों को महाशिवरात्रि के आध्यात्मिक अर्थ की पर्ची भी बांटी गई।


प्रभु उपवन भवन में ब्रह्म कुमारी अंजना बहन ने एवं बी के परिवार के बीच शिव ध्वजारोहण का कार्यक्रम भी किया गया एवं अंजना बहन ने महाशिवरात्रि का आध्यात्मिक अर्थ बताया कि संसार की सभी ईश्वर विश्वासी लोग मानते हैं कि भगवान कल्याणकारी है एवं हितैषी मानने के कारण ही उन्हें माता पिता बंधु सखा इत्यादि शुभ संबंधों से याद किया जाता है एवं परमात्मा शिव का कर्तव्य वाचक नाम शिव है जिसका अर्थ कल्याणकारी है रात्रि शब्द अज्ञानता का प्रतीक (अर्थात अज्ञानता रूपी रात्रि)परमात्मा शिव को स्वयंभू , अजन्मा, निराकार परमपिता परमात्मा शिव का जन्म उत्सव ही शिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है अत: परमात्म का अवतरण रात्रि में मनाया जाता है, वह भी कृष्ण पक्ष की घोर अंधियारी रात्रि मे भारतवर्ष के प्राय सभी प्रमुख त्योहार शुक्ल पक्ष में मनाए जाते हैं। कृष्ण पक्ष में केवल तीन त्यौहार है शिवरात्रि ,जन्माष्टमी तथा दीपावली। यह तीनों त्यौहार एक दूसरे से संबंधित हैं जन्माष्टमी भी परमात्मा के अवतरण का सूचक त्यौहार है अज्ञान अंधकार के समय ज्ञान सूर्य परमात्मा अवतरित होकर सर्व आत्माओं रूपी दीपकों की बुझी हुई ज्योति जलाते हैं दीपावली इस ज्ञान प्रकाश का प्रतीक है देवताओं को सुगंधित पुष्प चढ़ाए जाता है लेकिन परमात्मा शिव पर आक धतूरा एवं बेलपत्र चढ़ाए जाते हैं आक धतूरा पांच विकारों का प्रतीक है। बेलपत्र त्रिमूर्ति परमात्मा की स्मृति में ही तीनों पत्ते वाले बेलपत्र की रचना की गई है। इस प्रकार से महाशिवरात्रि का गूढ़ रहस्य उपस्थित भाई-बहनों के बीच रखी गई एवं ब्रह्मा भोजन के साथ सभी कार्यक्रम का उत्सव और आनंद मनाएं।
विद्यालय से जुड़े भाई-बहनें विनोद जयसवाल, अनिता जायसवाल, अविरल मोटानी, अजय केसान, राहुल राज, बीके संजय भाई, बीके रंजन भाई, बीके पुष्पा बहन, बीके लाली बहन, बीके बबीता बहन, ओम प्रकाश भाई, गुड्डू भाई, अन्य भाई बहनों का पूर्ण सहयोग रहा।

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